یاد شوقی کز جفاهایت دل ما شاد بود
یاد شوقی کز جفاهایت دل ما شاد بود
در شکست این شیشه را جوش مبارکباد بود
йод шуқи-каз ҷафоҳойт дил мо шод буд
дар шакаст ин шиша ро ҷуш маборак-бод буд
آبیار مزرع دردم مپرس از حسرتم
هرکجا آهی دمید اشک منش همزاد بود
обиор мазараъ дардам мапарс аз ҳасартам
ҳаракаҷо оҳи дамид ашак манаш ҳамазод буд
زندگی را مغتنم میداشتم غافل از این
کز نفس تیغ دو دم در دست این جلاد بود
зандаги ро мағатанам мӣ-дошатам ғофал аз ин
каз нафас тиғ ду дам дар даст ин ҷалод буд
وانکرد آیینه گردیدن گره از کار من
بند حیرت سختتر از بیضهٔ فولاد بود
вонакард оина гардидан гара аз кор ман
банд ҳайрат сахт-тар аз биза фулод буд
عمر پروازم چو بوی گل به افسردن گذشت
این قفس آیینهدار خاطر صیاد بود
умр паравозм чу бавай гул ба афасардан газашт
ин қафас оина-дор хотар сиод буд
مفت ما کز سعی ناکامی به استغنا زدیم
ورنه دل مستسقی و عالم سرابآباد بود
мафт мо каз саъи нокоми ба асатағано здим
варна дил мастасақи ва олам сароб-обод буд
بلبل ما از فسردن ناز گلها میکشد
گر پری میزد چو رنگ از خویش هم آزاد بود
балабал мо аз фасардан ноз галаҳо мӣ-кашад
гар пари мӣ-зд чу ранг аз хеш ҳам озод буд
از شکست ساغر هوشم سلامت میچکد
بیخودی در صنعت راحت عجب استاد بود
аз шакаст соғар ҳушм саломат мӣ-чакад
биходи дар санаъат роҳат ъаҷаб астод буд
شب که در بزمت صلای سوختن میداد عشق
نغمهٔ ساز سپندم هرچه باداباد بود
шаб-ки дар базмат-салой сухатан мӣ-дод ишқ
нағама соз сапандам ҳарача бодобод буд
روزگاری شد که در تعبیر هیچ افتادهایم
چشم ما تا داشت خوابی عالمی آباد بود
рузагори шуд ки дар таъбир ҳич афтода-айам
чашм мо то дошт хоби ъолми обод буд
عالم نسیان تماشاخانهٔ یکتایی است
عکس بود آن جلوه تا آیینهام در یاد بود
олам насион тамошохона йактойай аст
ъакас буд он ҷалуа то оинаам дар йод буд
صد نگارستان چین با بیخودی طی کردهام
لغزش پا هم به راهت خامهٔ بهزاد بود
сад нгорастон чин бо биходи ти карда-ам
лағазаш по ҳам ба роҳат хома баҳазод буд
سرمه اکنون نسخهٔ خاموشی از من میبرد
یاد ایامی که مو هم بر تنم فریاد بود
сарма аканун насаха хомуши аз ман мӣ-бард
йод айоми ки му ҳам бар танам фариод буд
پیریام جز ساغر تکلیف جان کندن نداد
قامت خم گشته بیدل تیشهٔ فرهاد بود
пири-ам ҷуз соғар такалиф ҷон кандан ндод
қомат хам-гашта бидел тиша фараҳод буд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.