چنین تا کی تپد در انتظار زخم نخجیرش
چنین تا کی تپد در انتظار زخم نخجیرش
درآغوش کمان بر دل قیامت میکند تیرش
чанин то ки тапад дар анатазор захам нахаҷираш
дароғуш-камон бар дил қиёмат мекунад тираш
مگر آن جلوه دریابد زبان حیرت ما را
که چون آیینه بیحرف است صافیهای تقریرش
магар он ҷалуа дариобд забон ҳайрат мо ро
ки чун оина бе-ҳарф аст софиҳой тақарираш
اگر این است برق خانه سوز شعلهٔ حسنت
جهانی میتوان آتش زدن از رنگ تصویرش
агар ин аст барақ хона суз шаъала ҳасанат
ҷаҳони мӣ-тавон оташ задан аз ранг тасавайраш
مصور جلوه نتواند دهد نقش میانت را
گر از تار نظر سازند موی کلک تحریرش
масур ҷалуа натавонд даҳад нақш мионат ро
гар аз тор назар созанд мавай-калак таҳарираш
سیهروزی که یاد طرهات آوازهاش دارد
به صد خورشید نتوان شد حریف منع شبگیرش
сиа-рузи ки йод тара-ат овоза-аш дорад
ба сад хурашид натавон шуд ҳариф манаъ шабагираш
به این نیرنگ اگر حسن بتان آیینه پردازد
برهمن دارد ایمانی که شرم آید ز تکفیرش
ба ин ниранг агар ҳасан батон оина пардозд
бараҳаман дорад айамони-ки шарм ойд з такафираш
به سعی جانکنیها کوهکن آوازهای دارد
به غوغا میفروشد هرکه باشد آب در شیرش
ба саъи ҷон-каниҳо куҳакан овоза-эй дорад
ба ғуғо мӣ-фарушад ҳарака бошад об дар шираш
در این دشت جنون الفتگرفتاری نمیباشد
که آزادی پر افشان نیست از آواز زنجیرش
дар ин дашт ҷанун алафт-гарфатори нами-бошад
ки озоди пур афашон нест аз овоз занҷираш
نفس میبست بر عمر ابد ساز حباب من
به یک بست وگشاد چشم آخر شد بم و زیرش
нафас мӣ-баст бар умр абд соз ҳабоб ман
ба як баст вагашод чашм охар шуд бам ва зираш
دل جمع آرزو داری بساط گفتگو طی کن
که گوهر بر شکست موج موقوف است تعمیرش
дил ҷамаъ орзу дори басот-гафтагу ти-кан
ки-гуҳар бар шакаст мавҷ муқуф аст-таъамираш
به صحرایی که صیادشکمند زلف او باشد
اگر معنی شود جستن ندارد گرد نخجیرش
ба саҳаройай ки сиодаш-каманд залаф ав бошад
агар маъани шуд ҷастан надорад гард нахаҷираш
به صد طاقت نکردم راست بیدل قامت آهی
جوانیها اگر این است رحمت باد بر پیرش
ба сад тоқат накардам рост бидел қомат оҳи
ҷавони-ҳо агар ин аст раҳамат бод бар пираш
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.