نمیگویم به عشرتگاه مجنون جهد پیمارو
نمیگویم به عشرتگاه مجنون جهد پیمارو
غبار خانمان لختی بروب از دل به صحرا رو
нами-гавайам ба ъашартаго маҷанун ҷаҳад пимору
ғубор хонамон лахти баруб аз дил ба саҳаро ру
جهانی میکشد بر دوش فرصت بار ناکامی
تو هم امروز بنشین در سر این راه و فردا رو
ҷаҳони мӣ-кашад бар душ фарсат бор нокоми
ту ҳам амаруз банашин дар сар ин ро ва фардо ру
نمیباید سپند مجمر افسردگی بودن
به پستی پایمالی اندکی با ناله بالا رو
нами-бойд сапанд маҷамар афасардаги будан
ба пасти пойамоли анадаки бо нола боло ру
چو آواز جرس تجرید آزادی غنیمت دان
برون زین کاروانها دامن خود گیر و تنها رو
чу овоз ҷарс таҷарид озоди ғанимат дон
барун зин коравонаҳо доман худ гир ва танаҳо ру
پیام یار میآید کنون ننگ است خودداری
عرق واری به حسرت آب کن دل را و از جا رو
пиом йор мӣ-ойд канун нанг аст ходадори
ъарақ вори ба ҳасарт об кан дил ро ва аз ҷо ру
تلاش گوهر نایاب جهدی تند میخواهد
اگر مردی به غواصی زن و بیرون دریا رو
талош гуҳар нойоб ҷаҳади танд мӣ-хоҳад
агар марди ба ғавоси зн ва бирун дарё ру
درین محفل به نومیدی چه لازم زندگی کردن
دو روزی هر چه پیش آید طرب کن یا ز دنیا رو
дарин маҳафал ба нумиди ча лозм зандаги кардан
ду рузи ҳар ча пиш ойд тараб кан йо з данио ру
نهال گلشن اقبال پر معکوس میبالد
به رنگ شمع سر چندانکه افرازی ته پا رو
наҳол галашан ақабол пур маъакус мӣ-болд
ба ранг шамъ сар чандонака афарози та по ру
جنون حرص بیوضع قناعت بر نمیآید
تسلی دشمنی چون عمر مفلس در تمنا رو
ҷанун ҳарс бе-вазаъ қаноъат бар нами-ойд
тасали дашмани чун умр мафалас дар тамано ру
مباش از دستگاه همت اهل فنا غافل
همه گر پشه باشی چون پر افشاندی به عنقا رو
мабош аз дастаго ҳамат аҳал фано ғофал
ҳама гар паша боши чун пур афашонди ба ъанқо ру
غبار من زحد برداشت ابرام زمینگیری
مبادا عشق فرماید که برخیز از در ما رو
ғубор ман заҳад бардошт абаром змингири
мабодо ишқ фармойд ки бархиз аз дар мо ру
به طبع دوستان یادت گرانی میکند بیدل
به دامان فراموشی بزن دست و ز دلها رو
ба табаъ дустон йодат гарони мекунад бидел
ба домон фаромуши базн даст ва з далаҳо ру
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- راه
- مسیرِ رفتن؛ نمادِ طریقتِ سلوک و سفرِ معنوی.
- فرصت
- مجال کوتاه انجام کار؛ در شعر غالبا لحظه گذرای عمر.