تماشایی که من دارم مقیم چشم حیرانش
تماشایی که من دارم مقیم چشم حیرانش
هزار آیینه یک گل میدهد از طرف بستانش
тамошойай ки ман дорм мақим чашм ҳиронаш
ҳазор оина як гул мӣ-даҳад аз тарф бастонаш
نفس در سینهام تیریست از بیداد هجرانش
که من دل کردهام نام به خون آلوده پیکانش
нафас дар сина-ам тири-ст аз бидод ҳаҷаронаш
ки ман дил карда-ам ном ба хон олуда пиконаш
به عالم برق حسنت آتش افکندهست میترسم
که گیرد دود خط دامن چو دست داد خواهانش
ба олам барақ ҳасанат оташ афаканда-ст мӣ-тарсам
ки-гирд дуд хт доман чу даст дод хоҳонаш
چنان روشن شدی یارب سواد سرنوشت من
که از بیحاصلی کردند نقش طاق نسیانش
чанон рушан шади йораб савод сарнушт ман
ки аз бе-ҳосали карданд нақш тоқ насионаш
ز ترک پیرهن آزادگان را نیست رسوایی
ندارد ناله آثاری که باید دید عریانش
з тарак пираҳан озодагон ро нест расавойай
надорад нола осори ки бойд дид ъарионаш
جنون گردید ما را رهنمای کعبهٔ شوقی
که از دلهای بیطاقت بود ریگ بیابانش
ҷанун гардид мо ро раҳанамой каъаба шуқи
ки аз далаҳой битоқат буд риг биобонаш
صفای دل کدورتهای امکان بر تو بست آخر
دو عالم دود کرد انشا چراغ زیر دامانش
сафой дил кадурт-ҳой амакон бар ту баст охар
ду олам дуд кард анашо чароғ зир домонаш
پی آزار مردم از جهنمکم نمیباشد
بهشت جاودان و یک نفس تشویش شیطانش
пи озор мардам аз ҷаҳанам-кам нами-бошад
бҳашт ҷовадон ва як нафас ташавайаш шитонаш
عدم را هستی اندیشیدنت نگذاشت بیصورت
چه دشواریست کز اوهام نتوان کرد آسانش
ъадам ро ҳастӣ андишиданат нагазошт бе-сурт
ча дашавори-ст каз авҳом натавон-кард осонаш
نظر وا کردهای ترک هوسهای اقامت کن
که شمع اینجا همان پا میکشد سر از گریبانش
назар во карда-эй тарак ҳусаҳой ақомат-кан
ки шамъ инҷо ҳамон по мӣ-кашад сар аз гарибонаш
به گردش هر نفس رنگ بهارت دست میساید
چه لازم آسیابانت کند وضع پشیمانش
ба гардаш ҳар нафас ранг бҳорт даст мӣ-сойд
ча лозм осиобонат-канд вазаъ пашимонаш
بیاض آرزو بیدل سواد حیرتی دارد
که روشن میکند عبرت به چشم پیر کنعانش
биоз орзу бидел савод ҳирти дорад
ки рушан мекунад ъабарт ба чашм пир канаъонаш
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.