یأسفرسای تغافل دل ناشاد مباد
یأسفرسای تغافل دل ناشاد مباد
بیدلانیم فراموشی ما یاد مباد
йос-фарсой тағофал дил ношод мабод
бидалоним фаромуши мо йод мабод
عیش ما غیر گرفتاری دل چیزی نیست
یارب این صید ز دام و قفس آزاد مباد
ъиш мо ғир гарфатори дил чизи нест
йораб ин сид з дом ва қафас озод мабод
پر گشودن ز اسیران محبت ستم است
ذوق آزادی ما خجلت صیاد مباد
пур гашудан з асирон муҳаббат сатам аст
зуқ озоди мо хаҷалат сиод мабод
عاشق از جانکنی حکم وفا غافل نیست
نقش شیرین به سر تربت فرهاد مباد
ъошақ аз ҷон-кани ҳакам вафо ғофал нест
нақш ширин ба сар тарабат фараҳод мабод
همه عنقا به قفس در طلب عنقاییم
آدمی بیخبر از فهم پریزاد مباد
ҳама ъанқо ба қафас дар талаб ъанқойайам
одами бихабар аз фаҳам паризод мабод
صور در پردهٔ نومیدی دل خوابیده است
یارب این فتنه نوا قابل فریاد مباد
сур дар парда нумиди дил хобида аст
йораб ин фитна наво қобал фариод мабод
در عدم بیخبر از خویش فراغی داریم
صلح ما متهم نسبت اضداد مباد
дар ъадам бихабар аз хеш фароғи дорим
салаҳ мо матаҳам насабат аздод мабод
نفس افشاگر راز دو جهان نومیدیست
خاک این باد به جز در دهن باد مباد
нафас афашогар роз ду ҷаҳон нумиди-ст
хок ин бод ба ҷуз дар даҳан бод мабод
های و هویی که نواسنج خرابات دل است
سر به هم کوفتن سبحهٔ زهاد مباد
ҳой ва ҳавайай-ки навосанҷ харобот дил аст
сар ба ҳам куфатан сабҳа заҳод мабод
صبح وشام، ازنفس سرد، غرض جویی چند
باد بادیست به عالم که چنین باد مباد
субҳ вашом, азанафас сард, ғарз ҷавайай чанд
бод боди-ст ба олам-ки чанин бод мабод
حیف همت که کسی چشم به عبرت دوزد
انتخاب دو جهان زحمت این صاد مباد
ҳиф ҳамат ки каси чашм ба ъабарт дузд
анатахоб ду ҷаҳон заҳамат ин сод мабод
شبخون خط پرگار به مرکز مبرید
هرچه جز دل به عمارت رسد آباد مباد
шабахон хт парагор ба мараказ мабарид
ҳарача ҷуз дил ба ъаморт расад обод мабод
حادثات آن همه تشویش ندارد بیدل
صبر زحمتکش اندیشهٔ بیداد مباد
ҳодасот он ҳама ташавайаш надорад бидел
сабар заҳаматакаш андиша бидод мабод
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- عدم
- نیستی؛ نبودن در برابر هستی و گاه مرتبه پیش از ظهور.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- یاد
- بهخاطرآوردن؛ حضورِ معشوق در دل و ذکرِ پیوسته.
- پرده
- حجاب و پوشش؛ مانع آشکارشدن یا نشانه پنهانی راز.
- عبرت
- پندگرفتن؛ درسِ بیداری از گذرِ روزگار و فنای جهان.