به صد غبار درین دشت مبتلا شدهام
به صد غبار درین دشت مبتلا شدهام
به دامن که زنم دست از او جدا شدهام
ба сад ғубор дарин дашт мабатало шада-ам
ба доман-ки занам даст аз ав ҷадо шада-ам
جنون به هر بن مویم خروش دیگر داشت
چه سرمه زد به خیالم که بیصدا شدهام
ҷанун-ба ҳар бан мавайам харуш дигар дошт
ча сарма зд ба хиолм ки бе-садо шада-ам
هنور ناله نیام تا رسم به گوش کسی
به صد تلاش نفس آه نارسا شدهام
ҳанур нола ни-ам то расам ба гуш каси
ба сад талош нафас о норсо шада-ам
قفس به درد که از چاک دل گشود آغوش
اگر ندید که بی بال و پر رها شدهام
қафас ба дард ки аз чок дил гашуд оғуш
агар ндид ки би бол ва пур раҳо шада-ам
خضر ز گرد پراکنده چشم میپوشد
چه گمرهیست که من ننگ رهنما شدهام
хазар з гард пароканда чашм мӣ-пушад
ча гамараҳи-ст ки ман нанг раҳанамо шада-ам
شرار سنگ به این شور فتنه پردازی
نبودم این همه کامروز خودنما شدهام
шарор санг ба ин шур фитна пардози
набудам ин ҳама комаруз ходанамо шада-ам
چو صبح با عرق شبنم اختیارم نیست
ز خنده منفعلم محرم حیا شدهام
чу субҳ бо ъарақ шабанам ахтиорм нест
з ханда манафаъалм маҳарм ҳио шада-ам
به معنی آن همه محتاج نیستم لیکن
ز قدردانی ناز غنی گدا شدهام
ба маъани он ҳама маҳатоҷ нисатам ликан
з қадардони ноз ғани гадо шада-ам
ز اتفاق تماشای این بهار مپرس
نگاه عبرتم و با گل آشنا شدهام
з атафоқ тамошой ин бҳор мапарс
нго ъабартам ва бо гул ошано шада-ам
چو موی ریخته پا مال خار و خس تاکی
ز زندگی خجلم از سر که وا شدهام
чу мавай рихта по мол хор ва хас токи
з зандаги хаҷалм аз сар ки во шада-ам
به هستیام غم بست و گشاد دل خون کرد
ستمکش نفسم بند این قفا شدهام
ба ҳастӣ-ам ғам баст ва гашод дил хон-кард
сатамакаш нафасам банд ин қафо шада-ам
مباش منکر بیدست و پاییام بیدل
که رفته رفته درین دشت نقش پا شدهام
мабош манакар бе-даст ва пойай-ам бидел
ки рафта рафта дарин дашт нақш по шада-ам
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.