دل خاک سر کوی وفا شد چه بجا شد
دل خاک سر کوی وفا شد چه بجا شد
سر در ره تیغ تو فدا شد چه بجا شد
дил хок сар кавай вафо шуд ча баҷо шуд
сар дар ра тиғ ту фадо шуд ча баҷо шуд
اشکم که دلی داشت گره بر سر مژگان
درکوی تو از دیده جدا شد چه بجا شد
ашакам-ки дали дошт-гара бар сар мажагон
даракавай ту аз дида ҷадо шуд ча баҷо шуд
ما را به بساطی که توچون فتنه نشستی
برخاستن ازخویش عصا شد چه بجا شد
мо ро ба басоти-ки тучун фитна нашасти
бархосатан азахойаш ъасо шуд ча баҷо шуд
چون سایه به خاک قدمت جبههٔ ما را
یک سجده به صد شکر ادا شد چه بجا شد
чун сойа ба хок қадамат ҷабҳа мо ро
як саҷада-ба сад шакар адо шуд ча баҷо шуд
این دیده که حسرتکده شوق تماشاست
ای خوش نگهان جای شما شد چه بجا شد
ин дида-ки ҳасартакада шуқ тамошост
эй хош-нагаҳон ҷой шмо шуд ча баҷо шуд
از حسرت دیدار تو اشک هوس آلود
امشب نگه چشم حیا شد چه بجا شد
аз ҳасарт дидор ту ашак ҳус-олуд
амашаб нга чашм ҳио шуд ча баҷо шуд
چشمت به غلط سوی دل انداخت نگاهی
تیری که ازان شست خطا شد چه بجا شد
чашмат ба ғалат савай дил андохт нгоҳи
тири-ки азон шаст хто шуд ча баҷо шуд
بر صفحهٔ روی تو زکلک ید تقدیر
خط سیه انگشتنما شد چه بجا شد
бар сафаҳа равай ту закалак йд тақадир
хт сиа ангашт-намо шуд ча баҷо шуд
در بزم تو آخر نگه شعله عنانم
چون شمع زاشک آبله پا شد چه بجاشد
дар базм ту охар нга шаъала ъанонам
чун шамъ зошак обала по шуд ча баҷошад
لخت جگری بر سر هر اشک فشاندیم
حق نمک گریه ادا شد چه بجا شد
лахт ҷагари бар сар ҳар ашак фашондим
ҳақ намак гариа адо шуд ча баҷо шуд
گردی که به امید تو دادیم به بادش
آرایش صد دست دعا شد چه بجا شد
гарди-ки ба амид ту додим ба бодаш
оройаш сад даст даъо шуд ча баҷо шуд
چون سایه سر راه دو رنگی نگرفتیم
روز سیه ما شب ما شد چه بجا شد
чун сойа сар ро ду ранги нагарафтим
рӯз сиа мо шаб мо шуд ча баҷо шуд
زین یکدو نفس عمر میان من و دلدار
گیرم که اداهای بجا شد چه بجا شد
зин йакаду нафас умр мион ман ва далдор
гирм-ки адоҳой баҷо шуд ча баҷо шуд
بیدل هوس نشئهٔ آوارگیی داشت
چون اشگکنون بیسر وپا شد چه بجا شد
бидел ҳус нашиа оворагий дошт
чун ашаг-канун бе-сар вапо шуд ча баҷо шуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- دیده
- چشمِ بیننده؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و دیدارِ یار.
- راه
- مسیرِ رفتن؛ نمادِ طریقتِ سلوک و سفرِ معنوی.
- تیغ
- شمشیر و لبهٔ تیز؛ نمادِ قهرِ معشوق و جراحتِ عشق.
- شعله
- زبانه آتش؛ نماد شور، گدازِ عشق و فنای ناپایدار.