کردم رقم به کلک نفس مد ناله را
کردم رقم به کلک نفس مد ناله را
دادم به باد شعلهٔ شوقت رساله را
кардам рақам ба-калак нафас мад нола ро
додам ба бод шаъала шуқат рсола ро
از سرمه چشم شوخ تو تمکینپذیر نیست
نتوان به گرد، مانع رم شد غزاله را
аз сарма чашм шух ту тамакин-пазир нест
натавон ба гард, монаъ рм шуд ғазола ро
از ره مروبه عیش شبستان این چمن
جز شمع کشته چیست به فانوس، لاله را
аз ра маруба ъиш шабастон ин чаман
ҷуз шамъ кашта чист ба фонус, лола ро
دل فرد باطل است خوشا جوش داغ عشق
تا بیدلی به ثبت رساند قباله را
дил фард ботал аст хошо ҷуш доғ ишқ
то бидали ба сабат рсонд қабола ро
کوگوشکز چکیدن خونم نواکشد
درکوچههای زخم غباریست ناله را
кугуш-каз чакидан хонам навокашад
даракуча-ҳой захам ғабори-ст нола ро
هنگام شیب غافل از اسرار خودمباش
کیفیت رساست می دیر ساله را
ҳангом шиб ғофал аз асарор ходамабош
кифит рсост мӣ дир сола ро
عریانی توکسوت یکتاییاست و بس
تا چند، بار دوش، نمایی دو شاله را
ъариони тукасут йактойай-аст ва бас
то чанд, бор душ, намойай ду шола ро
ناقص نبرد صرفه ز تقلیدکاملان
وضعگوهر طلسمگداز است ژاله را
ноқас набард сарфа з тақалидакомалон
вазаъ-гуҳар таласам-гадоз аст жола ро
آن شب که مه زسیرخطش آب داد چشم
گرداب بحر خجلت خود دید هاله را
он шаб-ки ма засирахташ об дод чашм
гардоб баҳар хаҷалат худ дид ҳола ро
خط پیش ازآنکه با لب او آشنا شود
حیران سرمه ساخته چشم پیاله را
хт пиш азонака бо лаб ав ошано шуд
ҳирон сарма сохта чашм пиола ро
آزادگان زکلفت اسباب فارغند
نتوان نگاه داشت به زنجیر ناله را
озодагон закалафт асабоб форағанд
натавон нго дошт ба занҷири нола ро
مشت خسیست پیکر موهوم ما ومن
وقف دهان شعلهکنید این نواله را
машт хаси-ст пикар муҳум мо ваман
вақаф даҳон шаъала-канид ин навола ро
رنگ رطوبت چمن دهربنگرید
کاندربغل سیاه شد آیینه لاله را
ранг ртубат чаман даҳарабангарид
конадарабағал сио шуд оина лола ро
بیدل دلت هوای محبتگرفته است
شبنم خیال میکند این غنچه ژاله را
бидел далат ҳавой муҳаббат-гарфата аст
шабанам хаёл мекунад ин ғанача жола ро
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- شعله
- زبانه آتش؛ نماد شور، گدازِ عشق و فنای ناپایدار.