در غمت آخر به جاییکار بیدادم رسید
در غمت آخر به جاییکار بیدادم رسید
کز تپیدن سرمه شد هرکس به فریادم رسید
дар ғамат охар ба ҷойай-кор бидодам рсид
каз тапидан сарма шуд ҳаракас ба фариодам рсид
مکتب آفاق از بس درسگاه عبرت است
گوشمالی بود هر حرفیکز استادم رسید
мактаб офоқ аз бас дарсаго ъабарт аст
гушмоли буд ҳар ҳарфи-каз астодам рсид
سینه را ازتیر و، دل را نیست از زخم سنان
بیقدت آن آفتی کز سرو و شمشادم رسید
сина ро азатир ва, дил ро нест аз захам санон
бе-қадат он офти каз сару ва шамашодам рсид
دامگاه شوق چون من صید محرومی نداشت
نالهواری هم نماند از من که صیادم رسید
домаго шуқ чун ман сид маҳаруми ндошт
нола-вори ҳам намонд аз ман-ки сиодам рсид
عشق ضعفی داشت تا شد با مزاجم آشنا
سیل شبنم بود تا در محنتآبادم رسید
ишқ заъафи дошт то шуд бо мазоҷам ошано
сил шабанам буд то дар маҳанат-ободам рсид
چون شرر داغ فنا نتوان زدود از طینتم
چشم زخمی بود معدومی کز ایجادم رسید
чун шарар доғ фано натавон здуд аз тинатам
чашм-захами буд маъадуми-каз айаҷодам рсид
گریهگو خون شو که من از یاس مطلب سوختم
تا کنم سامان آب آتش به بنیادم رسید
гариа-гу хон шу ки ман аз йос маталаб сухатам
то канам сомон об оташ ба баниодам рсид
حسرتی در پرده نومیدی دل دشتم
سوختنها چون سپند آخر به فریادم رسید
ҳасарти дар парда нумиди дил даштам
сухатанаҳо чун сапанд охар ба фариодам рсид
یار دارد پرسش احوال دورافتادگان
کو فراموشی که گویم نوبت یادم رسید
йор дорад парсаш аҳавол дурофтодагон
ку фаромуши ки гавайам нубат йодам рсид
سنگ هم گر واشکافی یار میآید برون
این صدا از بیستون و سعی فرهادم رسید
санг ҳам гар вошакофи йор мӣ-ойд барун
ин садо аз бистун ва саъи фараҳодам рсид
قاصد شوق از کمین نارسایی ایمن است
نالهای دارم که در هر جا فرستادم رسید
қосад шуқ аз камин норсойай айаман аст
нола-эй дорм ки дар ҳар ҷо фарсатодам рсид
شعلهٔافسرده بیدل شهپر خاکستر است
در هوایش هرکه رفت از خود به امدادم رسید
шаъала-афасарда бидел шаҳапар хокастар аст
дар ҳавойаш ҳарака рафт аз худ ба амадодам рсид
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- شعله
- زبانه آتش؛ نماد شور، گدازِ عشق و فنای ناپایدار.
- شوق
- اشتیاقِ سوزان؛ کششِ پرشورِ دل بهسوی معشوق و وصال.
- شبنم
- رطوبت لطیف بامدادی؛ نماد لطافت، ناپایداری و اشک.
- پرده
- حجاب و پوشش؛ مانع آشکارشدن یا نشانه پنهانی راز.
- عبرت
- پندگرفتن؛ درسِ بیداری از گذرِ روزگار و فنای جهان.
- سامان
- سروسامان و نظم؛ آسایش و قرارِ کار، که عاشق فاقدِ آن است.