آخر به لوح آینهٔ اعتبار ما
آخر به لوح آینهٔ اعتبار ما
چیزی نوشتنیست به خط غبار ما
охар ба луҳ оина аъатабор мо
чизи нушатани-ст ба хт ғубор мо
بزم از دل گداخته لبریز میشود
مینا اگر کنند ز سنگ مزار ما
базм аз дил гадохта лабариз мӣ-шуд
мино агар кананд з санг мазор мо
آتش به دامن است کف دست بیبران
راحت مجو ز سایهٔ برگ چنار ما
оташ ба доман аст каф даст бе-барон
роҳат маҷу з сойа бараг чанор мо
ما و سراغ مطلب دیگر چه ممکن است
در چشم ما شکست ضعیفی غبار ما
мо ва сароғ маталаб дигар ча мамакан аст
дар чашм мо шакаст заъифи ғубор мо
نقش قدم ز خاکنشینان حیرت است
امید نیست واسطهٔ انتظار ما
нақш қадам з хок-нашинон ҳайрат аст
амид нест воста анатазор мо
تمثال ما همان نفس واپسین بس ست
آیینه هر نفس ننمایی دچار ما
тамасол мо ҳамон нафас вопасин бас ст
оина ҳар нафас нанамойай дачор мо
تمکین به ساز خنده مواسا نمیکند
از کبک میرمد چو صدا کوهسار ما
тамакин ба соз ханда мавосо нами-канд
аз кабак мӣ-рамад чу садо куҳасор мо
غیرت ز بس که حوصله سامان شرم بود
خمیازه هم قدح نکشید از خمار ما
ғирт з бас ки ҳусала сомон шарм буд
хамиоза ҳам қадаҳ накашид аз хамор мо
رنگ بهار خون شهید از حنا گذشت
این گل که کرد تحفهٔ دست نگار ما
ранг бҳор хон шаҳид аз ҳано газашт
ин гул ки кард таҳафа даст нгор мо
چون شمع قانعیم به یک داغ از این چمن
گل بر هزار شاخ نبندد بهار ما
чун шамъ қонаъим ба як доғ аз ин чаман
гул бар ҳазор шох набандад бҳор мо
سر برنداشتیم ز تسلیم عاجزی
زانو شکست آینهٔ اختیار ما
сар барнадоштим з тасалим ъоҷази
зону шакаст оина ахтиор мо
ای بیخودی بیا که زمانی ز خود رویم
جز ما دگر که نامه رسانَد به یار ما؟
эй бе-ходи био ки змони з худ равайам
ҷуз мо дагар ки нома рсонад ба йор мо?
گفتم به دل: زمانه چه دارد ز گیرودار؟
خندید و گفت: آنچه نیاید به کار ما
гафтам ба дил: змона ча дорад з гирудор?
хандид ва гафт: онача ниойд ба кор мо
بیمدعا ستمکش حیرانی خودیم
بیدل به دوش کس نتوان بست بار ما
бе-мадаъо сатамакаш ҳирони ходим
бидел ба душ кас натавон баст бор мо
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.