تا دل از انجمن وصل تو مأیوس نبود
تا دل از انجمن وصل تو مأیوس نبود
جوهر ناله درین آینه محسوس نبود
то дил аз анаҷаман васал ту мойавас набуд
ҷуҳар нола дарин оина маҳасус набуд
شب که شوق تو خسک در جگر محفل ریخت
شعلهٔ شمع به بیتابی فانوس نبود
шаб ки шуқ ту хасак дар ҷагар маҳафал рихт
шаъала шамъ ба битоби фонус набуд
بسکه نرنگ دو عالم به خرامت فرش است
نقش پا هم به رهت جز پر طاووس نبود
басака нарнаг ду олам ба харомат фараш аст
нақш по ҳам ба раҳат ҷуз пур товавас набуд
یاد آن عیش که در انجمن ذوق وصال
داشت پیغام جضوری که به صد بوس نبود
йод он ъиш-ки дар анаҷаман зуқ васол
дошт пиғом ҷазури-ки ба сад бус набуд
سعی پرواز من آخر عرقی ریخت به خاک
اشک هم اینقدرش کوشش معکوس نبود
саъи паравоз ман охар ъарақи рихт ба хок
ашак ҳам айанқадараш-кушаш маъакус набуд
تا بر آییم ز خجلتکدهٔ دام امید
بال برهم زدنی جز کف افسوس نبود
то бар ойайам з хаҷалатакада дом амид
бол бараҳам задани ҷуз каф афасус набуд
سیر آیینهٔ دل ضبط نفس میخواهد
ورنه آزادی ما اینهمه محبوس نبود
сир оина дил забат нафас мӣ-хоҳад
варна озоди мо айанаҳама маҳабус набуд
نوبهاری که تصور به خیالش خون است
ما به آن رنگ ندیدیم که محسوس نبود
нубҳори-ки тасур ба хиолаш хон аст
мо ба он ранг ндидим-ки маҳасус набуд
جلوه در محفل ما جمله نقاب آراییست
شمع آن بزم نیفروخت که فانوس نبود
ҷалуа дар маҳафал мо ҷамала нқоб оройай-ст
шамъ он базм нифарухт-ки фонус набуд
در تظلمکده دیر محبت بیدل
ناله فریاد دلی داشت که ناقوس نبود
дар тазалмакада дир муҳаббат бидел
нола фариод дали дошт-ки ноқус набуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.