اگر ساقی ز موجِ با ده بندد رشتهٔ سازم
اگر ساقی ز موجِ با ده بندد رشتهٔ سازم
رساند قلقلِ مینا به رنگِ رفته آوازم
агар соқи з мавҷ бода бандад рашта созм
рсонд қалқали мино ба ранг рафта овозм
عروجِ خاکساران آنقدر کوشش نمیخواهد
چو گرد از جنبشِ پایی توان کردن سرافرازم
ъаруҷи хокасорон онақадар кушаш нами-хоҳад
чу гард аз ҷанабаши пойай тавон кардан сарофарозм
مباش ای آرمیدن از کمینِ وحشتم غافل
کفِ خاکسترم بیبال وپر جمعست پروازم
мабош эй ормидан аз камини ваҳаштам ғофал
каф хокастарм бе-бол вапар ҷамаъ-ст паравозм
نگاهِ چشمِ عبرت جوهرِ آیینهٔ یأسم
گسستنها ز پیوندِ جهان تاریست از سازم
нго чашм ъабарт ҷуҳар оина йосам
гасастан-ҳо з пиванди ҷаҳон тори-ст аз созм
نفس تا بال بر هم میفشاند ناله میگردد
ز استغنای نومیدی بلند افتاده اندازم
нафас то бол бар ҳам мӣ-фашонд нола мӣ-гардад
з асатағаной нумиди баланд афтода андозм
ز اسرارِ محبت صافیِ آیینهای دارم
که نتواند به جز حیرتنمودن چشمِ غمازم
з асарори муҳаббат софайи оина-эй дорм
ки натавонд ба ҷуз ҳайрат-намудан чашм ғамозм
قدحپیماییِ الفت ندارد رنجِ مخموری
ز بس گردیدهام گردِ سر او نشئهٔ نازم
қадаҳ-пимойай алафт надорад ранҷи махамури
з бас гардида-ам гард сар ав нашиа нозм
کمالِ من عروجِ پایهٔ دیگر نمیخواهد
همان خورشید خواهم بود اگر از ذره ممتازم
камол ман ъаруҷи пойа дигар нами-хоҳад
ҳамон хурашид хоҳам буд агар аз зара маматозм
وبالِ عشرتم یارب نگردد قیدِ خود داری
که من با لغزشِ پا همچو طفلِ اشک گلبازم
ваболи ъашартам йораб нагардад қиди худ дори
ки ман бо лағазаши по ҳамачу тафали ашак-галабозм
هوای نارسا را نیست جز شبنم گریبانی
ز خجلت آشیانسازِ عرق گردیده پروازم
ҳавой норсо ро нест ҷуз шабанам гарибони
з хаҷалат ошион-соз ъарақ-гардида паравозм
به سامانِ شکستِ رنگِ من خندیدنی دارد
به رنگی ناله سر کردم که کس نشنید آوازم
ба сомон шакаст ранг ман хандидани дорад
ба ранги нола сар кардам ки кас нашанид овозм
نیام چون موج جولانجرأتِ آزارِ کس بیدل
شکستی دارم و بر روی خود صد رنگ میتازم
ни-ам чун мавҷ ҷавлон-ҷарот озори кас бидел
шакасти дорм ва бар равай худ сад ранг мӣ-тозм
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.