مردی چو شمع در همهجا، جا نگاه دار
مردی چو شمع در همهجا، جا نگاه دار
هرچند سر به باد رود پا نگاه دار
марди чу шамъ дар ҳама-ҷо, ҷо нго дор
ҳарачанд сар ба бод руд по нго дор
گوهر دهد دمی که کند قطره ضبط موج
دل جمع کن عنان نفسها نگاه دار
гуҳар даҳад дами ки канд қатара забат мавҷ
дил ҷамаъ кан ъанон нафас-ҳо нго дор
تا گم نگردد آینهٔ بینشانیات
هرجا روی به سر پر عنقا نگاه دار
то гам нагардад оина бе-нашони-ат
ҳараҷо равай ба сар пур ъанқо нго дор
ابرام ما ذخیرهٔ صد رنگ آبروست
هر خجلتی که میبری از ما نگاه دار
абаром мо захира сад ранг обаруст
ҳар хаҷалати ки мӣ-бари аз мо нго дор
آغوش بینیاز دل از مدعا تهی است
این شیشه را به سنگ فکن یا نگاه دار
оғуш бе-ниоз дил аз мадаъо таҳи аст
ин шиша ро ба санг факан йо нго дор
هرجا خط رعایت احباب خواندنیست
نام وفا همان به معما نگاه دار
ҳараҷо хт раъойт аҳабоб хонадани-ст
ном вафо ҳамон ба маъамо нго дор
یکبار صرف یأس مکن یاد رفتگان
چیزی ز دی به عبرت فردا نگاه دار
як-бор сарф йос макан йод рафтагон
чизи з ди ба ъабарт фардо нго дор
در بزم وصلم آرزوی جلوه داغ کرد
یارب مرا ز خواهش بیجا نگاه دار
дар базм васалм оразавай ҷалуа доғ кард
йораб маро з хоҳаш биҷо нго дор
تا در چه وقت شعله زند دود احتیاج
مشتی عرق به منع تقاضا نگاه دار
то дар ча вақат шаъала занд дуд аҳатиоҷ
машти ъарақ ба манаъ тақозо нго дор
ای منکر محال اگر مرد طاقتی
یاد خرام او کن و خود را نگاه دار
эй манакар маҳол агар мард тоқати
йод харом ав кан ва худ ро нго дор
بیباده نیز شیشه به طاق هوس خوش است
ما را به یادگار دل ما نگاه دار
бе-бода низ шиша ба тоқ ҳус хош аст
мо ро ба йодагор дил мо нго дор
دامان عجز با همه قدرت ز کف مده
از سر فتادنی به ته پا نگاه دار
домон ъаҷаз бо ҳама қадарт з каф мада
аз сар фтодани ба та по нго дор
تا حرص کم خورد غم چیزی نداشتن
ای بوالفضول دست ز دنیا نگاه دار
то ҳарс кам хурд ғам чизи ндошатан
эй баволафазул даст з данио нго дор
بیدل غریب کشور لفظ است معنیات
عرض پری به عالم مینا نگاه دار
бидел ғариб-кашур лафаз аст маъани-ат
ъарз пари ба олам мино нго дор
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.
- عجز
- ناتوانی و درماندگی؛ فروتنیِ بنده در برابرِ حق.