از بسکه به تحصیل غنا حرص توجان کند
از بسکه به تحصیل غنا حرص توجان کند
قبر است نگینی که به نام تو توان کند
аз басака ба таҳасил ғано ҳарс туҷон-канд
қабар аст нгини-ки ба ном ту тавон-канд
جزتخم ندامت چه کند خرمن ازبن دشت
بیحاصل جهدی که زمین دگران کند
ҷазатахам ндомат ча-канд харман азабан дашт
биҳосал ҷаҳади-ки замин дагарон-канд
چون شمع درین ورطه فرو رفت جهانی
رستن چه خیال است ز جاهی که زبان کند
чун шамъ дарин варта фару рафт ҷаҳони
растан ча хаёл аст з ҷоҳи-ки забон-канд
امروز به حکم اثر لاف تهور
رستم زن مردیست که بال مگسان کند
амаруз ба ҳакам асар лоф таҳур
растам зн марди-ст ки бол магасон-канд
در هر کف خاکی دو جهان ریشهٔ مستی است
با قوت تقوا نتوان بیخ رزان کند
дар ҳар каф-хоки ду ҷаҳон-риша масти-аст
бо қут тақаво натавон бих рзон-канд
زهاد ز بس جان به لب صرفهٔ ریشند
در ماتم این مردهدلان مو نتوان کند
заҳод з бас ҷон ба лаб сарфа ришанд
дар мотам ин марда-далон му натавон-канд
فریاد که راهی به حقیقت نگشودیم
نقبی که به دل کند نفس سخت نهان کند
фариод ки роҳи ба ҳақиқат нагашудим
нақаби-ки ба дил-канд нафас сахт наҳон-канд
چون غنچه به جمعیت دل ساخته بودیم
این عقده که وا کرد که ما را ز میانکند
чун ғанача ба ҷамаъит дил сохта будим
ин ъақада-ки во кард ки мо ро з мион-канд
در دل هوسی پا نفشرد از رم فرصت
هر سبزه که برریشه زد این آب روان کند
дар дил ҳуси по нафашард аз рм фарсат
ҳар сабаза-ки барариша зд ин об равон-канд
پیچ و خم این عقده گشودیم به پیری
یعنی که به دندان نتوان دل ز جهان کند
пич ва хам ин ъақада-гашудим ба пири
йаъани-ки ба дандон натавон дил з ҷаҳон-канд
بیدل نه به دنیاست قرارت نه به عقبا
خورده است خدنگ تو ازین هفت کمان کند
бидел на ба даниост қарорт на ба ъақабо
хурда аст хаданг ту азин ҳафт камон канд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- فرصت
- مجال کوتاه انجام کار؛ در شعر غالبا لحظه گذرای عمر.
- زبان
- عضوِ گفتار؛ ابزارِ بیان و گاه حجابِ معنای نهفته.
- خم
- خمیدگی یا خمِ شراب؛ منبعِ مستی و فیضِ معنوی.
- غنچه
- گُلِ نشکفته؛ نمادِ دلِ بسته، رازِ نهفته و دهانِ خاموش.
- دشت
- بیابانِ پهناور؛ نمادِ گستره تنهایی و سرگردانیِ عاشق.
- کف
- کفِ دست یا کفِ آب؛ نمادِ ناپایداری و تهیدستی.
- اثر
- نشان و تأثیر؛ ردِّ برجامانده، که گاه نایاب و بیاثر است.
- نام
- نام و آوازه؛ نمادِ اعتبارِ ظاهری در برابرِ گمنامی.