یاران در این بیابان از ما اثر مجویید
یاران در این بیابان از ما اثر مجویید
گمگشتگی سراغیم ما را دگر مجویید
йорон дар ин биобон аз мо асар маҷавайайд
гамагаштаги сароғим мо ро дагар маҷавайайд
رنگی کزین چمن جست، با هیچکس نپیوست
گرد خرام فرصت از هر گذر مجویید
ранги казин чаман ҷаст,бо ҳичакас напиваст
гард харом фарсат аз ҳар газар маҷавайайд
خفّت زکفهٔ ما معراج بی وقاریست
خود سنج انفعالیم سنگ از شرر مجویید
хафт закафа мо маъароҷ бе-вқори-ст
худ санҷ анафаъолим санг аз шарар маҷавайайд
در پیری از سر حرص مشکل بود گذشتن
زین تیغ زنگ فرسود آب اینقدر مجویید
дар пири аз сар ҳарс машакал буд газаштан
зин тиғ занг фарсуд об айанқадар маҷавайайд
پا را جدا ز دامن تمکین چه احتمال است
در خانه آنچه گم شد بیرون در مجویید
по ро ҷадо з доман тамакин ча аҳатамол аст
дар хона онача-гам шуд бирун дар маҷавайайд
رنگ پریدهای هست فرصت کمین وحشت
پرواز مقصد ما زین بال و پر مجویید
ранг парида-эй ҳаст фарсат камин вҳашт
паравоз мақасад мо зин бол ва пур маҷавайайд
بی دستگاه تحقیق پوچ است ناز فطرت
گر مغز معنیی نیست جز مو به سر مجویید
би дастаго таҳақиқ пуч аст ноз фтарт
гар мағаз маъаний нест ҷуз му ба сар маҷавайайд
عقل و دلایل علم پامال برق عشقند
شب را به شمع و مشعل پیش سحر مجویید
ақл ва далойал ъалм помол барақ ъашақанд
шаб-ро ба шамъ ва машаъал-пиш саҳар маҷавайайд
چون شمع، شرم مقصد بر خاک دوخت مژگان
سر رفته رفته باشد زین بیشتر مجویید
чун шамъ, шарм мақасад бар хок духт мажагон
сар рафта рафта бошад зин бишатар маҷавайайд
هرجا نفس فرو ماند بر دل فتاد بارش
گمگشتن پی موج جز در گهر مجویید
ҳараҷо нафас фару монд бар дил фтод бораш
гам-гаштан пи мавҷ ҷуз дар гаҳар маҷавайайд
جایی که یأس بیدل نالد ز بینوایی
نم از مژه مخواهید آه از جگر مجویید
ҷойай-ки йос бидел нолд з бинавойай
нам аз мажа махоҳид о аз ҷагар маҷавайайд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.