طالعم زلف یار را ماند
طالعم زلف یار را ماند
وضع من روزگار را ماند
толаъам залаф йор ро монд
вазаъ ман рузагор ро монд
دل هوس تشنه است ورنه سپهر
کاسهٔ زهر مار را ماند
дил ҳус ташана аст варна сапаҳар
коса заҳар мор ро монд
نَفسِ من به این فسرده دلی
دود شمع مزار را ماند
нафас ман ба ин фасарда-дали
дуд шамъ мазор ро монд
بسکه بیدوست داغ سوختنم
گلخنم لالهزار را ماند
басака бе-дуст доғ сухатанам
галханам лола-зор ро монд
خار دشت طلب ز آبلهام
مژهٔ اشکبار را ماند
хор дашт талаб з обала-ам
мажа ашакабор ро монд
نقش پایم به وادی طلبت
دیدهٔ انتظار را ماند
нақш пойам ба води талабат
дида анатазор ро монд
عجزم از وضع خود سری واداشت
ناتوانی وقار را ماند
ъаҷазм аз вазаъ худ сари водошт
нотавони вқор ро монд
یار در رنگ غیر جلوه گر است
هم چو نوری که نار را ماند
йор дар ранг ғир ҷалуа-гар аст
ҳам чу нури-ки нор ро монд
جگر چاک صبح و دامن شب
شانه و زلف یار را ماند
ҷагар чок субҳ ва доман шаб
шона ва залаф йор ро монд
عزلت آیینهدار رسواییست
این نهان آشکار را ماند
ъазалат оина-дор расавойайаст
ин наҳон ошакор ро монд
نیک در هیچ حال بد نشود
گل محال است خار را ماند
ник дар ҳич ҳол бд нашуд
гул маҳол аст хор ро монд
با دو عالم مقابلم کردند
حیرت آیینهدار را ماند
бо ду олам мақобалм-карданд
ҳайрат оина-дор ро монд
مایهٔ بیغمی دلی دارم
که چو خون شد بهار را ماند
мойа биғами дали дорм
ки чу хон шуд бҳор ро монд
هر چه از جنس نقش پا پیداست
بیدل خاکسار را ماند
ҳар ча аз ҷанас-нақш по пидост
бидел хокасор ро монд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- دیده
- چشمِ بیننده؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و دیدارِ یار.