هر کجا آیینهٔ ما گردد از زنگار سبز
هر کجا آیینهٔ ما گردد از زنگار سبز
گر همه طوطی شوی نتوان شد آن مقدار سبز
ҳар каҷо оина мо гардад аз зангор сабаз
гар ҳама тути шавай натавон шуд он мақадор сабаз
این چمن الفتپرست سایهٔ گیسوی کیست
سبزه میجوشد به گردن رشتهٔ زنٌار سبز
ин чаман алафт-парсат сойа-гисавай кист
сабаза мӣ-ҷушад ба-гардан рашта знор сабаз
برگ عیش قانعان بیگفتگو آماده است
شد زبان بسته از خاموشی اظهار سبز
бараг ъиш қонаъон бе-гафтагу омода аст
шуд забон баста аз хомуши азаҳор сабаз
گر مزاج خام ظالم پختهکار افتد بلاست
ورنه دارد طبعگل چندان که باشد خار سبز
гар мазоҷ хом золм пахта-кор афатад балост
варна дорад табаъ-гул чандонака бошад хор сабаз
کسوت ما هرچه باشد ناله خونآلوده است
طوطیان را کم شود چون بال و پر منقار سبز
касут мо ҳарача бошад нола хон-олуда аст
тутион ро кам шуд чун бол ва пур манқор сабаз
از لب شاداب او چون سنبل اندر چشمهسار
موج میخواهد شدن در ساغر خمّار سبز
аз лаб шодоб ав чун санабал анадар чашма-сор
мавҷ мӣ-хоҳад шадан дар соғар хамор сабаз
گر سحاب آرد نوید سایهٔ نخل قدش
نالهٔ بلبل دهد چون سرو از این گلزار سبز
гар саҳоб орд навайд сойа нахал қадаш
нола балабал даҳад чун сару аз ин-галазор сабаз
برق حسن نو خطی در گل گرفت آیینه را
جلوهگر این است کشت تشنهٔ دیدار سبز
барақ ҳасан ну хти дар гул-гарфат оина ро
ҷалуа-гар ин аст-кашт ташана дидор сабаз
ریشهٔ گل بیطراوت نیست از ابر بهار
میکند تردستی مطرب زبان تار سبز
риша-гул бе-тароват нест аз абар бҳор
мекунад тардасти матараб забон тор сабаз
هیچ زشتی در مقام خویش نامرغوب نیست
خار را دارد همان چون گل سر دیوار سبز
ҳич зашти дар мақом хеш номарағуб нест
хор ро дорад ҳамон чун гул сар дивор сабаз
رنگ میبندد لب خندان به عزلت خو مکن
آب هم میگردد از آسودن بسیار سبز
ранг мӣ-бандад лаб хандон ба ъазалат хо макан
об ҳам мӣ-гардад аз осудан басиор сабаз
آبروی مرد بیدل با هنر جوشیدنست
نیست در شمشیرها جز تیغ جوهردار سبز
обаравай мард бидел бо ҳанар ҷушиданаст
нест дар шамашираҳо ҷуз тиғ ҷуҳардор сабаз
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- تیغ
- شمشیر و لبهٔ تیز؛ نمادِ قهرِ معشوق و جراحتِ عشق.
- زبان
- عضوِ گفتار؛ ابزارِ بیان و گاه حجابِ معنای نهفته.