شور حاجت تاکی ازحرص دو دل باید شنید
شور حاجت تاکی ازحرص دو دل باید شنید
یک عرق حرف ازجبین منفعل باید شنید
шур ҳоҷат токи азаҳарс ду дил бойд шанид
як ъарақ ҳарф азаҷабин манафаъал бойд шанид
نیکو بد سربرخط تسلیم فرمان قضاست
این صدا از ریزش خون بحل باید شنید
ник-ва бд сарабарахт тасалим фармон қазост
ин садо аз ризаш хон баҳал бойд шанид
عالمی را سرکشی بر باد غارت داده است
حرف امن ازآتش نامشتعل باید شنید
ъолми ро саракаши бар бод ғорт дода аст
ҳарф аман азоташ номаштаъал бойд шанид
آن خروش صور کز دورت به گوش افتاده است
تا نفس باقیست ما را متصل باید شنید
он харуш сур каз дурт ба гуш афтода аст
то нафас боқист мо ро матасал бойд шанид
اطلس افلاک هم زین پیش در یادم نبود
این زمان طعن لباس از آب و گل باید شنید
аталас афалок ҳам зин пиш дар йодам набуд
ин замон таъан лабос аз об ва гул бойд шанид
غافل از فهم زبان درد بودن شرط نیست
ناله هم هرچند باشد دل کسل باید شنید
ғофал аз фаҳам забон дард будан шарт нест
нола ҳам ҳарачанд бошад дил касал бойд шанид
مقتضای عجز عجز است از فضولی شرم دار
هرچه گوید عشق درگوشت خجل باید شنید
мақатазой ъаҷаз ъаҷаз аст аз фазули шарм дор
ҳарача гавайд ишқ дарагушт хаҷал бойд шанид
محرم اسرارخاموشان زبان وگوش نیست
من شکست رنگم آوازم ز دل باید شنید
маҳарм асарорхомушон забон вагуш нест
ман шакаст рангам овозм з дил бойд шанид
بیدل این شور بد و نیکی که تکلیف کریست
پنبه تا درگوش باشد معتدل شنید
бидел ин шур бд ва ники ки такалиф-карист
панаба то дарагуш бошад маъатадал шанид
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.
- عجز
- ناتوانی و درماندگی؛ فروتنیِ بنده در برابرِ حق.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- شرم
- حیا و آزرم؛ پروای درونی در برابرِ معشوق و حق.
- زبان
- عضوِ گفتار؛ ابزارِ بیان و گاه حجابِ معنای نهفته.
- درد
- رنج و الم؛ سرمایهٔ عاشق و راهِ پختگیِ جان.
- شور
- هیجان و جوش؛ نمادِ بیقراریِ عاشقانه و وجد.
- باد
- وزشِ هوا؛ نمادِ ناپایداری، غرور و تهیّتِ هستی.