زیر گردون طبع آزادینوایی برنخاست
زیر گردون طبع آزادینوایی برنخاست
بس که پستی داشت این گنبد، صدایی برنخاست
зир гардун табаъ озоди-навойай барнахост
бас ки пасти дошт ин ганабд, садойай барнахост
هرکه دیدیم از تعلق در طلسمِ سنگ بود
یک شرر آزادهٔ ازخودجدایی برنخاست
ҳарака дидим аз таъалқ дар таласами санг буд
як шарар озода азаходаҷадойай барнахост
عمر رفت و آهِ دردی از دل ما سر نزد
کاروان بگذشت و آواز درایی برنخاست
умр рафт ва о дарди аз дил мо сар назд
коравон багазашт ва овоз даройай барнахост
اینکه مینالیم عرض شکوهٔ بیدردی است
ورنه از ما نالهٔ درد آشنایی برنخاست
айанака мӣ-нолим ъарз шакуа бидарди-аст
варна аз мо нола дард ошанойай барнахост
کشتی خود با خدا بسپار کز توفان یأس
عالمی شد غرق و دست ناخدایی برنخاست
кашти худ бо хадо басапор каз туфон йос
ъолми шуд ғарақ ва даст нохадойай барнахост
در هجوم آباد ظلمت سایه پُر بی آبروست
مفت خود فهمید اگر اینجا همایی برنخاست
дар ҳаҷум-обод залмат сойа пур бе-обаруст
мафт худ фаҳамид агар инҷо ҳамойай барнахост
مفلسان را مایهٔ شهرت همان دست تهیست
تا به قید برگ بود از نی نوایی برنخاست
мафаласон ро мойа шаҳарт ҳамон даст таҳи-ст
то ба қид бараг буд аз ни навойай барнахост
خوش نگونبختم که در محراب طاق ابرُوَش
دیدهام را یک مژه دست دعایی برنخاست
хош нгун-бахтам ки дар маҳароб тоқ абаруваш
дида-ам ро як мажа даст даъойай барнахост
دهر اگر غفلت رواج جهل باشد باک نیست
جلوهها بیرنگ بود آیینهرایی برنخاست
даҳар агар ғафалат равоҷ ҷаҳл бошад бок нест
ҷалуа-ҳо биранг буд оина-ройай барнахост
خاطر ما شکوهای از جور گردون سر نکرد
بارها بشکست و زین مینا صدایی برنخاست
хотар мо шакуа-эй аз ҷур гардун сар накард
бораҳо башакаст ва зин мино садойай барнахост
گر زمین برخیزد از جا نقش پا افتاده است
زین طلسم عجز چون من بیعصایی برنخاست
гар замин бархизд аз ҷо нақш по афтода аст
зин таласам-ъаҷаз чун ман бе-ъасойай барнахост
در هوای مقدمش بیدل به خاک انتظار
نقش پا گشتیم لیک آواز پایی برنخاست
дар ҳавой мақадамаш бидел ба хок анатазор
нақш по гаштим лик овоз пойай барнахост
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- دیده
- چشمِ بیننده؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و دیدارِ یار.
- عجز
- ناتوانی و درماندگی؛ فروتنیِ بنده در برابرِ حق.
- عرض
- ویژگی ناپایدار شیء؛ در برابر جوهر و ذات.
- مژه
- موی پلکِ چشم؛ تیرِ نگاه و ابزارِ گریه و خونِ دل.
- درد
- رنج و الم؛ سرمایهٔ عاشق و راهِ پختگیِ جان.