اگر به افواج عزم شاهان سواد روم و فرنگ گیرد
اگر به افواج عزم شاهان سواد روم و فرنگ گیرد
شکوه درونش هر دو عالم به یک دل جمع تنگگیرد
агар ба афавоҷ ъазм шоҳон савод рум ва фарнаг гирд
шакуа дарунаш ҳар ду олам ба як дил ҷамаъ танг-гирд
جو شمع کاش از خیال شوکت طبیعت غافل آب گردد
که سر فرازد به اوج گردون و راه کام نهنگ گیرد
ҷу шамъ-кош аз хаёл шукт табиъат ғофал об-гардад
ки сар фарозд ба аваҷ-гардун ва ро-ком наҳанг-гирд
ز مکتب اعتبار دنیا ورق سیهکردن است و رفتن
درین خم نیل جامهٔکس به جز سیاهی چه رنگگیرد
з мактаб аъатабор данио варақ сиа-кардан аст ва рафтан
дарин хам нил ҷома-кас ба ҷуз сиоҳи ча ранг-гирд
گهر نیام تا درین محیطم بود به عرض وقار سودا
حباب معذور بادسنجم ترازوی من چه سنگ گیرد
гаҳар ни-ам то дарин маҳитам буд ба ъарз вқор судо
ҳабоб маъазур бодасанҷам тарозавай ман ча санг-гирд
ز خجلت اعتبار باطل اگرگذشتم ز من چه حاصل
کجاست دامن فرصت اینجا که با تو گویم درنگ گیرد
з хаҷалат аъатабор ботал агарагазаштам з ман ча ҳосал
каҷост доман фарсат инҷо ки бо ту гавайам дарнаг-гирд
ز حرف طاقتگداز لعلت دمی به جرات دچار گردم
که همچو یاقوتم آب و آتش عنان پرواز رنگ گیرد
з ҳарф тоқат-гадоз лаъалат дами ба ҷарот дачор гардам
ки ҳамачу йоқутам об ва оташ ъанон паравоз ранг-гирд
به پاس دل ناکجا خورد خون بهار نازی که ازلطافت
حنای دستش سیاهی آرد چو شمع اگر گل به چنگ گیرد
ба пос дил нокаҷо хурд хон бҳор нози-ки азалатофт
ҳаной дасташ сиоҳи орд чу шамъ агар гул ба чанг гирд
ز چنگ آفت کمین گردون کجا رود کس چه چاره سازد
پی رمیدن گم است آنجاک ه راه آهو، پلنگ گیرد
з чанг офт камин гардун каҷо руд кас ча чора созд
пи рмидан-гам аст онҷок ҳ ро оҳу, паланг-гирд
ز تیره طبعان وقت بگسل، مخواه ننگ وبال بز دل
ازبن که بینی نقوش باطل خوشست آیینه زنگگیرد
з тира-табаъон вақат багасал, махо нанг вабол баз дил
азабан-ки бини нқуш ботал хош-ст оина занг-гирд
درین جنون زار فتنه سامان، به شعله کاران کذب و بهتان
مجوش چندان که عالمی را نفس به دود تفنگ گیرد
дарин ҷанун зор фитна сомон, ба шаъала-корон-казаб ва баҳатон
маҷуш чандонака ъолми ро нафас ба дуд тафанг-гирд
مدم به طبع درشت ظالم فسون تاثیر مهر بیدل
هزار آتش نفس گدازد که آب خشکی ز سنگ گیرد
мадам ба табаъ дарашт золм фасун тосир маҳар бидел
ҳазор оташ нафас-гадозд ки об хашаки з санг-гирд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.