در آن محفل که الفت قابل زانوست پیشانی
در آن محفل که الفت قابل زانوست پیشانی
گریبان دامنیها دارد و دامن گریبانی
дар он маҳафал-ки алафт қобал зонуст пишони
гарибон доманиҳо дорад ва доман гарибони
به چشم بینگه آیینه میبیند جهانی را
خوشا احوال دانایی که دارد وضع نادانی
ба чашм бе-нга оина мӣ-бинд ҷаҳони ро
хошо аҳавол донойай-ки дорад вазаъ нодони
تواضع نسخهایم از سرنوشت ما چه میپرسی
خم ابروست اینجا انتخاب سطر پیشانی
тавозаъ насаха-айам аз сарнушт мо ча мӣ-парси
хам абаруст инҷо анатахоб сатар пишони
غبار تن سر راه سبکروحان نمیگیرد
نگردد شمع را فانوس مانع از پریشانی
ғубор тан сар ро сабакаруҳон нами-гирд
нагардад шамъ ро фонус монаъ аз паришони
برون پردهٔ دل گردی از کلفت نمیباشد
همین در خانهٔ آیینه ها جمع است حیرانی
барун парда дил гарди аз калафт нами-бошад
ҳамин дар хона оина ҳо ҷамаъ аст ҳирони
گریبان میدرد از تشنه کامی زخم مشتاقان
به جوی حسرت ما آب تیغت باد ارزانی
гарибон мӣ-дард аз ташана-коми захам маштоқон
ба ҷавай ҳасарт мо об тиғат бод арзони
به این هستی چسان باشم نقاب شوخی رازت
که اینجا بر نیاید اشک هم از ننگ عریانی
ба ин ҳастӣ часон бошм нқоб шухи розат
ки инҷо бар ниойд ашак ҳам аз нанг ъариони
گل عشرت به باغ طالع ما غنچه میگردد
شکست افتادگان را میکشد سوفار پیکانی
гул ъашарт ба боғ толаъ мо ғанача мӣ-гардад
шакаст афтодагон ро мӣ-кашад суфор пикони
حیا ایجادم از من بینقابیها نمیآید
اگر مژگان گشودم چشم میپوشم به حیرانی
ҳио айаҷодам аз ман бе-нқобиҳо нами-ойд
агар мажагон-гашудам чашм мӣ-пушм ба ҳирони
ندارد موج جز جوش محیط آیینهٔ دیگر
ز جیبت سرکشم گر خود مرا از من نپوشانی
надорад мавҷ ҷуз ҷуш маҳит оина дигар
з ҷибат саракашм-гар худ маро аз ман напу-шони
نموهای بهار اعتبار افسردگی دارد
نمیبارد سحاب فضل نیسان جز به آسانی
намуҳой бҳор аъатабор афасардаги дорад
нами-борд саҳоб фазал нисон ҷуз ба осони
درین صحرا به فکر جستجو زحمت مکش بیدل
که جولان آبله گل میکند از تنگ میدانی
дарин саҳаро ба факар ҷастаҷу заҳамат макаш бидел
ки ҷавлон обала-гул мекунад аз танг мидони
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- راه
- مسیرِ رفتن؛ نمادِ طریقتِ سلوک و سفرِ معنوی.