فضای وادی امکان پر از غبارِ فناست
فضای وادی امکان پر از غبارِ فناست
چه آسمان چه زمین مغز این دو پوست هواست
фазой води амакон пур аз ғубор фаност
ча осмон ча замин мағаз ин ду пуст-ҳавост
ز راستی مددِ حال گوشهگیریهاست
کمان کشیدنِ قدِ خمیده، کارِ عصاست
з рости мадади ҳол гуша-гириҳост
камон кашидани қади хамида, кор ъасост
به فیض میکشی ز دم شکوهِ آزادیم
سیاه مستی ما سرمهٔ خموشی ماست
ба физ мӣ-каши з дам шакуҳи озодим
сио масти мо сарма хамуши мост
نمیرسد کف عشاق جز به نالهٔ دل
که دستِ باده کشان، تا به گردنِ میناست
нами-расад каф ъашоқ ҷуз ба нола дил
ки даст бода-кашон, то ба гардан миност
ز خاکِ ما نتوان برد ذوقِ خرسندی
چو صبح اگر همه بر باد رفته، دستِ دعاست
з хок мо натавон бард зуқ харсанди
чу субҳ агар ҳама бар бод рафта, даст даъост
مقیمِ کوی امید از فنا چه غم دارد
غبارِ رهگذر انتظار، آبِ بقاست
мақими кавай амид аз фано ча ғам дорад
ғубор раҳагазар анатазор, об бақост
ز سیر عالم دل غافلیم ورنه حباب
سری اگر به گریبان فرو برد دریاست
з сир олам дил ғофалим варна ҳабоб
сари агар ба гарибон фару бард дариост
به غیر خودسری از وضع دهر نتوان یافت
غبار نیز درین دشت پیش خود برپاست
ба ғир ходасари аз вазаъ даҳар натавон йофт
ғубор низ дарин дашт пиш худ барапост
به هر طرف که نهی گوش، یأس میجوشد
جهانِ حادثه، سازِ دلِ شکستهٔ ماست
ба ҳар тарф ки наҳи гуш, йос мӣ-ҷушад
ҷаҳон ҳодаса, соз дил-шакаста мост
حبابوار درین بحرِ غیرِ خلوتِ دل
به گوشهای که توان یک نفس کشید، کجاست
ҳабоб-вор дарин баҳар ғир халути дил
ба-гуша-эй ки тавон як нафас-кашид,каҷост
زبانِ حسرتِ مخمورِ من، که دریابد
ز بس شکسته دلم، ساغرم شکسته صداست
забон ҳасарт махамури ман, ки дариобд
з бас шакаста дилам, соғарм шакаста садост
ز دردِ بیاثری، فالِ اشک زد آهم
شرابِ ساغرِ شبنمگداز، سعی هواست
з дард бе-асари, фоли ашак зд оҳам
шароби соғар шабанам-гадоз, саъи ҳавост
جفاکشان همه دم صرفِ کارِ یکدگرند
ز پا فتادنِ اشک از برای ناله، عصاست
ҷафокашон ҳама дам сарфи кор йакадагаранд
з по фтодани ашак аз барой нола, ъасост
همین نه ریشه قفس دارد از سلامت تخم
ز دستِ عافیتِ دل، نفس هم ابله پاست
ҳамин на риша қафас дорад аз саломат тахам
з даст ъофит дил, нафас ҳам абала пост
به نارسایی خود بینیازیی داریم
شکسته بالی یاس آشیان، استغناست
ба норсойай худ бе-ниозий дорим
шакаста-боли йос ошион, асатағаност
غبارِ عجز بود کسوت ظفر بیدل
شکستگی، ز رهی همچو موج در برِ ماست
ғубор ъаҷаз буд касут зафар бидел
шакастаги, з раҳи ҳамачу мавҷ дар бар мост
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- عجز
- ناتوانی و درماندگی؛ فروتنیِ بنده در برابرِ حق.