از خودآرایی به جنس جاودان لنگر مکن
از خودآرایی به جنس جاودان لنگر مکن
آبرو را سنگسار صنعت گوهر مکن
аз ходоройай ба-ҷанас ҷовадон лангар макан
обару ро сангасор санаъат-гуҳар макан
خار جوهر زحمتگلبرک تمثالت مباد
پردهٔ چشم تر آیینه را بستر مکن
хор ҷуҳар заҳамат-галабарак тамасолат мабод
парда чашм тар оина ро бастар макан
تا توان درکسوت همواری آیینه زیست
دامن ابروی خود چون تیغ پر جوهر مکن
то тавон даракасут ҳамавори оина зист
доман абаравай худ чун тиғ пур ҷуҳар макан
ای ادب، بگذار مژگانی به رویش واکنم
جوهر پرواز ما را چین بال و پر مکن
эй адаб, багазор мажагони ба равайаш воканам
ҷуҳар паравоз мо ро чин бол ва пур макан
انفعال معصیت فردوس تعمیر است و بس
گر جبین دارد عرق اندیشهٔ کوثر مکن
анафаъол маъасит фардус таъамир аст ва бас
гар ҷабин дорад ъарақ андиша-кусар макан
آبورنگ حسن معنینشکند بیجوهری
آسمان گو نسخهام را جدولی از زر مکن
об-варнаг ҳасан маъани-нашаканд биҷуҳари
осмон гу насаха-ам ро ҷадули аз зар макан
از محیط رحمتم اشک ندامت مژدهایست
یا رب این نومید را محروم چشم ترمکن
аз маҳит раҳаматам ашак ндомат мажада-эй-ст
йо раб ин нумид ро маҳарум чашм тармакан
ای سپند از سرمه هم اینجا صدا وا میکشد
نا توان بر باد رفتن سعی خاکستر مکن
эй сапанд аз сарма ҳам инҷо садо во мӣ-кашад
но тавон бар бод рафтан саъи хокастар макан
تا به کی چون خامه موی حسرتت بایدکشید
اینقدر خود را به ذوق فربهی لاغر مکن
то ба-ки чун хома мавай ҳасартат бойадакашид
айанқадар худ ро ба зуқ фарабҳи лоғар макан
درد سر بسیار دارد نسخهٔ تحقیق خویش
جز فراموشی اگر درسیست هیچ از بر مکن
дард сар басиор дорад насаха таҳақиқ хеш
ҷуз фаромуши агар дарси-ст ҳич аз бар макан
خامشی دل را همان شیرازهٔ جمعیتست
نسخهٔ آیینه از باد نفش ابتر مکن
хомаши дил ро ҳамон широза ҷамаъит-ст
насаха оина аз бод нафаш абатар макан
حیف اوقاتی که صرف حسرت جاهشکنند
آدمی، آدم! وطن در فکرگاو و خر مکن
ҳиф авқоти-ки сарф ҳасарт ҷоҳаш-кананд
одами, одам! ватан дар факарагов ва хар макан
تاکجا بیدل به افسون امل خواهی تنید
قصهٔ ما داستان مار دارد سر مکن
токаҷо бидел ба афасун амал хоҳи танид
қаса мо достон мор дорад сар макан
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.
- تیغ
- شمشیر و لبهٔ تیز؛ نمادِ قهرِ معشوق و جراحتِ عشق.
- درد
- رنج و الم؛ سرمایهٔ عاشق و راهِ پختگیِ جان.
- جوهر
- ذات و بنیاد شیء؛ چیزی که قائم به خود دانسته میشود.
- حسرت
- افسوس و دریغ؛ اندوهِ ناکامی و آرزوی برنیامده.
- هیچ
- بودِ تهی و بیاعتبار؛ نشان نفی خود یا جهان گذرا.