ای شمع تک وتاز نفس گرد سفر شد
ای شمع تک وتاز نفس گرد سفر شد
اکنون به چه امید توان سوخت سحر شد
эй шамъ так ватоз нафас-гард сафар шуд
аканун ба ча амид тавон сухт саҳар шуд
در نسخهٔ بیحاصل هستی چه توان خواند
زان خط که غبار نفسش زبر و زبر شد
дар насаха биҳосал ҳастӣ ча тавон хонд
зон хт-ки ғубор-нафасаш забар ва забар шуд
مردم همه در شکوهء بیکاری خویشند
سرخاری این طایفه هنگامهٔ گر شد
мардам ҳама дар шакуҳаъ бикори хойашанд
сархори ин тойафа ҳангома-гар шуд
در خامهٔ تقدیر نگونی عرقی داشت
کاخر خط پیشانی ما اینهمه تر شد
дар хома тақадир нгуни ъарақи дошт
кохар хт пишони мо айанаҳама тар шуд
تمثال به آن جلوه نمودیم مقابل
ای بیخردان آینهداری چه هنر شد
тамасол ба он ҷалуа намудим мақобал
эй бихардон оина-дори ча ҳанар шуд
افسانهٔ خاموشی من کیست که نشنید
گم شد جرس از قافله چندانکه خبرشد
афасона хомуши ман кист ки нашанид
гам шуд ҷарс аз қофала чандонака хабарашад
یاران نرسیدند به داد سخن من
نظمم چه فسون خواند که گوش همه کر شد
йорон нарсиданд ба дод сахан ман
назмам-ча фасун-хонд ки гуш ҳама кар шуд
چون سبحه درین سلسله بیگانگیی نیست
سرها همه پا بود که پاها همه سر شد
чун сабҳа дарин саласала бигонгий нест
сараҳо ҳама по буд ки поҳо ҳама сар шуд
گستاخیام از محفل آداب بر آورد
گردیدن من گرد سرش حلقهٔ در شد
гастохи-ам аз маҳафал одоб бар овард
гардидан ман-гард сараш ҳалқа дар шуд
فریاد که از دل به حضوری نرسیدم
شب بودکه در خانهٔ آیینه سحر شد
фариод ки аз дил ба ҳазури нарсидам
шаб будака дар хона оина саҳар шуд
در قلزم تقدیر که تسلیم کنار است
کشتی و کدو، صورت امواج خطر شد
дар қалазм тақадир ки тасалим канор аст
кашти ва каду, сурт амавоҷ хатар шуд
چون ما نو آن کس که به تسلیم جبین سود
هرچند که تیغش به سر افتاد سپر شد
чун мо ну он кас ки ба тасалим ҷабин суд
ҳарачанд ки тиғаш ба сар афтод сапар шуд
تا یک مژه خوابم برد ازخویش چو اخگر
خاکستر دل جوش زد و بالش پر شد
то як мажа хобам бард азахойаш чу ахагар
хокастар дил ҷуш зд ва болаш пур шуд
فکر چمنآرایی فردوس که دارد
سر در قدمت محو گریبان دگر شد
факар чаман-оройай фардус ки дорад
сар дар қадамат маҳу гарибон дагар шуд
بیدل نشوی غافل از اقبال گریبان
هر قطره که در فکر خود افتاد گهر شد
бидел нашавай ғофал аз ақабол гарибон
ҳар қатара-ки дар факар худ афтод гаҳар шуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- مژه
- موی پلکِ چشم؛ تیرِ نگاه و ابزارِ گریه و خونِ دل.