چراغ خامشم حسرت نگاه محفل خویشم
چراغ خامشم حسرت نگاه محفل خویشم
سپند پای تا سر داغم اما بر دل خویشم
чароғ хомашм ҳасарт нго маҳафал хойашм
сапанд пой то сар доғам амо бар дил хойашм
نفس آخر شد و من همچنان زندانی جسمم
ندارم ریشه و دلبسته ی آب و گل خویشم
нафас охар шуд ва ман ҳамачанон зандони ҷасамам
ндорм риша ва далабаста й об ва гул хойашм
ز خود برخاستن اقبال خورشید است شبنم را
در آغوشست یار اما همین من مایل خویشم
з худ бархосатан ақабол хурашид аст шабанам ро
дар оғушаст йор амо ҳамин ман мойал хойашм
نمیخواهم که پیمان طلب باید شکست از من
وگرنه هرکجا ازپا نشستم منزل خویشم
нами-хоҳам ки пимон талаб бойд шакаст аз ман
вагарна ҳаракаҷо азапо нашастам маназал хойашм
به چشم آفرینش نیست چون من عقدهٔ اشکی
چکیدنها اگر دستم نگیرد مشکل خویشم
ба чашм офаринаш нест чун ман ъақада ашаки
чакиданаҳо агар дастам нгирд машакал хойашм
خجالت بایدم چون گل کشید از دامن قاتل
که من واقف ز جرأت های خون بسمل خویشم
хаҷолат бойадам чун-гул кашид аз доман қотал
ки ман воқаф з ҷарот ҳой хон басамал хойашм
چه شد تخمم درین مزرع پر و بال شرر دارد
به صحرای دگر خرمن طراز حاصل خویشم
ча шуд тахамам дарин мазараъ пур ва бол шарар дорад
ба саҳарой дагар харман тароз ҳосал хойашм
اگر صد عمر گردد صرف پروازم درین گلشن
همان چون گل قفس پروردهٔ چاک دل خویشم
агар сад умр гардад сарф паравозм дарин-галашан
ҳамон чун-гул қафас парурда чок дил хойашм
ز دریای قناعت سیر چشمیگوهری دارم
همه گر قطره باشم قلزم بیحاصل خویشم
з дариой қаноъат сир чашми-гуҳари дорм
ҳама-гар қатара бошм қалазм биҳосал хойашм
غم و شادی مساوی کرد بر من بیتمیزیها
به دام و آشیان ممنون صید غافل خویشم
ғам ва шоди масовай-кард бар ман бе-тамизиҳо
ба дом ва ошион маманун сид ғофал хойашм
دم تیغم ز یاد انتقام خصم میریزد
مروت جرأتی دارم که گوی قاتل خویشم
дам тиғам з йод анатақом хасам мӣ-ризд
марут ҷароти дорм ки гавай қотал хойашм
عبارتهاست اینجا حاصل مضمون چه میپرسی
دو عالم عرض حاجت دارم اما سایل خویشم
ъаборатаҳост инҷо ҳосал мазмун ча мӣ-парси
ду олам ъарз ҳоҷат дорм амо сойал хойашм
به خلوت خانهٔ تحقیق غیر از حق نمیگنجد
من بیکار در رفع خیال باطل خویشم
ба халут хона таҳақиқ ғир аз ҳақ нами-ганҷад
ман бе-кор дар рафаъ хаёл ботал хойашм
سراغ رفتن عمریست عرض هستیام بیدل
چو صبحم تا نفس باقیست گرد محمل خویشم
сароғ рафтан ъамари-ст ъарз ҳастӣ-ам бидел
чу сабҳам то нафас боқи-ст гард маҳамал хойашм
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.