تا پری به عرض آمد موج شیشه عریان شد
تا پری به عرض آمد موج شیشه عریان شد
پیرهن ز بس بالید دهر یوسفستان شد
то пари ба ъарз омад мавҷ шиша ъарион шуд
пираҳан з бас болид даҳар йавасафастон шуд
جلوهاش جهانی را محو بیخودیها کرد
آینه دکان بر چین جنس حیرت ارزان شد
ҷалуа-аш ҷаҳони ро маҳу биходиҳо кард
оина дакон бар чин ҷанас ҳайрат арзон шуд
خاک من به یاد آورد چهره عرقناکش
هچو بیضهٔ طاووس در عدم چراغان شد
хок ман ба йод овард чаҳара ъарақанокаш
ҳачу биза товавас дар ъадам чароғон шуд
کوشش زمینگیرم برعروج بینش تاخت
خارپای شمعِ آخر دستگاه مژگان شد
кушаш змингирм бараъаруҷ бинеш тохт
хорапой шамъ охар дастаго мажагон шуд
وحشتم درین محفل شوخی سپندی داشت
تا قفس زدم آتش نالهای پرافشان شد
ваҳаштам дарин маҳафал шухи сапанди дошт
то қафас задам оташ нола-эй парофашон шуд
انفعال هستی را من عیار افسوسم
دست داغ سودن بود طبع اگر پشیمان شد
анафаъол ҳастӣ ро ман ъиор афасусам
даст доғ судан буд табаъ агар пашимон шуд
امتحان آفاتم رنگ طاقت دل ریخت
آبگینهام آخر از شکست سندان شد
аматаҳон офотам ранг тоқат дил рихт
обагина-ам охар аз шакаст сандон шуд
زین چمن به هر رنگم سیر آگهی مفت است
داغ لاله هم کم نیستگر بهار نتوان شد
зин чаман ба ҳар рангам сир огаҳи мафт-аст
доғ лола ҳам-кам нест-гар бҳор натавон шуд
سازگردنافرازی رنج هرزهگردی داشت
سر به جیب دزدیدم پا مقیم دامان شد
созагардан-афарози ранҷ ҳарза-гарди дошт
сар ба ҷиб даздидам по мақим домон шуд
داغ درد شو بیدل کز گداز بی حاصل
اشکها درین محفل ریشخند مژگان شد
доғ дард шу бидел-каз гадоз би ҳосал
ашакаҳо дарин маҳафал ришаханд мажагон шуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.