دل چو آزاد از تعلق شد منور میشود
دل چو آزاد از تعلق شد منور میشود
قطره ای کز موج دامن چید گوهر میشود
дил чу озод аз таъалқ шуд манур мӣ-шуд
қатара эй каз мавҷ доман чид гуҳар мӣ-шуд
گرد هستی عقدهٔ پرواز عالی فطرتیست
از حجاب دود خویش این شعله اخگر می شود
гард ҳастӣ ъақада паравоз ъоли фтарти-ст
аз ҳаҷоб дуд хеш ин шаъала ахагар мӣ-шуд
ای که از لطف حقیقت آگهی خاموش باش
یک سخن هم کز دو لب خیزد مکرر میشود
эй-ки аз латаф ҳақиқат огаҳи хомуш бош
як сахан ҳам-каз ду лаб хизд макарар мӣ-шуд
در خموشی بس حلاوتهاست از نی کن قیاس
چون نوا در دل گره گردید شکر میشود
дар хамуши бас ҳаловатаҳост аз ни кан қиос
чун наво дар дил гара гардид шакар мӣ-шуд
هیچکس را در محبت شرم همچشمی مباد
در هوایت هر که گرید دیدهام تر میشود
ҳичакас ро дар муҳаббат шарм ҳамачашми мабод
дар ҳавойт ҳар ки гарид дида-ам тар мӣ-шуд
عیبجو گر لاف بینش میزند آیینهوار
تیرباران زبان طعن جوهر میشود
ъиб-ҷу гар лоф бинеш мӣ-занд оина-вор
тираборон забон таъан ҷуҳар мӣ-шуд
گاو و خر از آگهی انسان نخواهدگشت لیک
آدمی گر اندکی غافل شود خر میشود
гов ва хар аз огаҳи анасон нхоҳадагашт лик
одами гар анадаки ғофал шуд хар мӣ-шуд
شوق میباید ز پا افتادگیها هم عصاست
خضر راهی گر نباشد جاده رهبر میشود
шуқ мӣ-бойд з по афтодагиҳо ҳам ъасост
хазар роҳи гар набошад ҷода раҳабар мӣ-шуд
باد کبر از سر برون کن ور نه مانند حباب
عاقبت این باده سنگ کاسهٔ سر میشود
бод кабар аз сар барун-кан вар на монанд ҳабоб
ъоқабат ин бода санг коса сар мӣ-шуд
تا گهر دارد صدف از شور دریا غافل است
آب در گوش کسی چون جا کند کر میشود
то гаҳар дорад садаф аз шур дарё ғофал аст
об дар гуш каси чун ҷо канд кар мӣ-шуд
سجدهٔ سنگیندلان آیینهٔ نامحرمی است
میل آهن گر دوتا شد حلقهٔ در میشود
саҷада сангин-далон оина номаҳарми аст
мил оҳан-гар дуто шуд ҳалқа дар мӣ-шуд
عجز نومید از طواف کعبهٔ مقصود نیست
لغزش پای ضعیفان دست دیگر میشود
ъаҷаз нумид аз тавоф каъаба мақасуд нест
лағазаш пой заъифон даст дигар мӣ-шуд
در عدم هم دور حسرتهای ما موقوف نیست
خاک مستان رنگ تا گرداند ساغر میشود
дар ъадам ҳам дур ҳасарт-ҳой мо муқуф нест
хок мастон ранг то гардонд соғар мӣ-шуд
غیر عزلت نیست بیدل باعث افواه خلق
مرغ شهرت را خم این دام شهپر میشود
ғир ъазалат нест бидел боъас афаво халқ
марағ шаҳарт ро хам ин дом шаҳапар мӣ-шуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- پرواز
- اوجگرفتن در هوا؛ نمادِ رهاییِ روح و آرزو.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.