انفعال باطن خاموش دارد بوی خون
انفعال باطن خاموش دارد بوی خون
ریزش صهباست هر جا شیشه میگردد نگون
анафаъол ботан хомуш дорад бавай хон
ризаш саҳабост ҳар ҷо шиша мӣ-гардад нгун
کاملان در خاکساری قدر پیدا میکنند
چون عیار رنگ زر کز خام میگردد فزون
комалон дар хокасори қадар пидо мӣ-кананд
чун ъиор ранг зар каз хом мӣ-гардад фазун
ایمنی از طینت ناراست نتوان داشت چشم
رفته گیرید اعتماد از خانههای بیستون
айамани аз тинат норост натавон дошт чашм
рафта гирид аъатамод аз хона-ҳой бе-стун
با مراد نیک و بد یکسان نمیگردد فلک
این خم نیلی که دیدی رنگها دارد جنون
бо марод ник ва бд йакасон нами-гардад фалак
ин хам нили ки диди рангаҳо дорад ҷанун
سرمهسا چشمی دو عالم را به جوش آو رده است
کیست دریابد که خاموشی چه میخواند فسون
сарма-со чашми-ду олам ро ба ҷуш оварда аст
кист дариобд ки хомуши ча мӣ-хонд фасун
اینقدر بر علم و فن مغرور آگاهی مباش
آخر این دفتر دو حرف است از حساب کاف و نون
айанқадар бар ъалм ва фан мағарур огоҳи мабош
охар ин дафтар ду ҳарф аст аз ҳасоб коф ва нун
دعوی پیشی مکنکز واپسانت نشمرند
بیشتر رو بر قفاتازیست سعی رهنمون
даъавай пиши макан-каз вопасонат нашмаранд
бишатар ру бар қафотози-ст саъи раҳанамун
مشت خاک ما که از بیانفعالی بسته سنگ
یک عرق گر گل کند آیینه میآید برون
машт хок мо ки аз бе-анафаъоли баста санг
як ъарақ гар гул канд оина мӣ-ойд барун
سرنگونیهای ماه نو دلیل عبرت است
موج لب خشکی تری دارد چراغ آبگون
сарнагуниҳой мо ну далил ъабарт аст
мавҷ лаб хашаки тари дорад чароғ обагун
هر که را دیدم توانایی به خاک افکنده بود
بیدل اینجا نیست غیر از مرکب طاقت حرون
ҳар ки ро дидам тавонойай ба хок афаканда буд
бидел инҷо нест ғир аз маракаб тоқат ҳарун
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.
- خم
- خمیدگی یا خمِ شراب؛ منبعِ مستی و فیضِ معنوی.