ای بهار پرفشان دل برگل و سنبل مبند
ای بهار پرفشان دل برگل و سنبل مبند
آشیان جز در فضای نالهٔ بلبل مبند
эй бҳор парфашон дил барагал ва санабал мабанд
ошион ҷуз дар фазой нола балабал мабанд
شوق آزادی تعلق اختراع وهم تست
از خیال پوچ چون قمری به گردن غل مبند
шуқ озоди таъалқ ахатароъ ваҳм таст
аз хаёл пуч чун қамари ба-гардан ғал мабанд
مجمع دلها تغافلخانهٔ ابرو بس است
غافل از شور قیامت بر قفا کاکل مبند
маҷамаъ далаҳо тағофалхона абару бас аст
ғофал аз шур қиёмат бар қафо кокал мабанд
بزم خاموشیست از پاسنفس غافل مباش
بر پر پروانه تشویش چراغ گل مبند
базм хомуши-ст аз пос-нафас ғофал мабош
бар пур паравона ташавайаш чароғ гул мабанд
دورگردونت صلاها سزندکای بیخبر
تا نفس داری ز گردش پای جام مل مبند
дурагардунат салоҳо сазнадакой бихабар
то нафас дори з гардаш пой ҷом мал мабанд
سرگذشت عبرت مجنون هنوز افسانهنیست
محشر آسودهست بر زنجیر ما غلغل مبند
сарагазашт ъабарт маҷанун ҳануз афасона-нест
маҳшар осуда-ст бар занҷири мо ғалағал мабанд
زندگی تاکی کشد رنج تک و تاز هوس
پشت خر ریش است ای گاو از تکلف جل مبند
зандаги токи кашад ранҷ так ва тоз ҳус
пашт-хар риш-аст эй-гов аз такалаф ҷал-мабанд
از شکست موج آزاد است استغنای بحر
تهمت نقصان اجزا بر کمال کل مبند
аз шакаст мавҷ озод аст асатағаной баҳар
таҳамат нақасон аҷазо бар камол-кал мабанд
نیست بیآرایش عشاق استعداد شوق
موی سرکافیست بر دستار مجنون گل مبند
нест бе-оройаш ъашоқ асатаъадод шуқ
мавай саракофист бар дастор маҷанун-гул мабанд
تا دم حاجت مبادا بگذری از آبرو
اندکی آگاه باش از چشم بستن پل مبند
то дам ҳоҷат мабодо багазари аз обару
анадаки ого бош аз чашм бастан пал мабанд
پیری و لاف جوانی بیدل آخر شرم دار
شیشه چون شد سرنگون جز بر عرق قلقل مبند
пири ва лоф ҷавони бидел охар шарм дор
шиша чун-шуд сарнагун-ҷуз бар ъарақ қалқал мабанд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- وهم
- پندار ناپایدار؛ ادراکی که یقین و حقیقت کامل نیست.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- دم
- نفس یا لحظه؛ واحدی بسیار کوتاه از زمان و زندگی.