دل ماند بیحس و غمت افشانده بال رفت
دل ماند بیحس و غمت افشانده بال رفت
این ناوک وفا همه جا پوستمال رفت
дил монд бе-ҳас ва ғамат афашонда бол рафт
ин новак вафо ҳама ҷо пуст-мол рафт
خلقی ازین بساط به وهم گذشتگی
بینقش پا چو قافلهٔ ماه و سال رفت
халқи азин басот ба ваҳм-газаштаги
бе-нақш по чу қофала мо ва сол рафт
زین دشت گرد ناقهٔ دیگر نشد بلند
هرمحملی که رفت به دوش خیال رفت
зин дашт-гард ноқа дигар нашад баланд
ҳармаҳамали-ки рафт ба душ хаёл рафт
زر دوستان تهیهٔ راه عدم کنید
قارون به زیر خاک پی جمع مال رفت
зар дустон таҳиа ро ъадам канид
қорун ба зир хок пи ҷамаъ мол рафт
ناایمنی نبرد زگوهر حصار موج
سرها به زانوی عدم از زیر بال رفت
нойамани набард загуҳар ҳасор мавҷ
сараҳо ба зонавай ъадам аз зир бол рафт
گر شرم داری از هوس جاه شرم دار
تا قطره شد گهر عرق انفعال رفت
гар шарм дори аз ҳус ҷо шарм дор
то қатара шуд гаҳар ъарақ анафаъол рафт
بیدستگاهی، آفت آثار مرد نیست
نارفتنی است خط اگر از خامه نال رفت
бе-дастагоҳи, офт осор мард нест
норафтани аст хт агар аз хома нол рафт
موجگهر، چه واکشد از معنی محیط
حرفی که داشتم به زبانهای لال رفت
мавҷ-гаҳар, ча вокашад аз маъани маҳит
ҳарфи ки дошатам ба забонаҳой лол рафт
اشکم به دیده محملانداز برق داشت
گفتم نگاهی آب دهم بر شکال رفت
ашакам ба дида маҳамал-андоз барақ дошт
гафтам нгоҳи об даҳам бар шакол рафт
تصویر تیرهبختی من میکشید عشق
از هند تا فرنگ، قلم بر زگال رفت
тасавайр тира-бахти ман мӣ-кашид ишқ
аз ҳанд то фарнаг, қалм бар загол рафт
ای چینی اینقدر به طنین موی سر مکن
فغفور در اعادهٔ ساز سفال رفت
эй чини айанқадар ба танин мавай сар макан
фағафур дар аъода соз сафол рафт
بیدل دلیل مقصد عزت تواضع است
زبن جاده ماه نو به جهانکمال رفت
бидел далил мақасад ъазат тавозаъ аст
забан ҷода мо ну ба ҷаҳон-камол рафт
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- دیده
- چشمِ بیننده؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و دیدارِ یار.