ز تنگی منفعل گردید دل آفاق پیدا شد
ز تنگی منفعل گردید دل آفاق پیدا شد
گهر از شرم کم ظرفی عرقها کرد دریا شد
з танги манафаъал-гардид дил офоқ пидо шуд
гаҳар аз шарм кам зарфи ъарақ-ҳо кард дарё шуд
ز خود غافل گذشتی فال استقبال زد حالت
نگاه از جلوه پیش افتاد امروز تو فردا شد
з худ ғофал газашти фол асатақабол зд ҳолат
нго аз ҷалуа пиш афтод амаруз ту фардо шуд
تماشای غریبی داشت بزم بیتماشایی
فسونهای تجلی آفت نظاره ما شد
тамошой ғариби дошт базм бе-тамошойай
фасун-ҳой таҷали офт назора мо шуд
به وهم هوش تاکی زحمت این تنگنا بردن
خوشا دیوانهای کز خویش بیرون رفت و صحرا شد
ба ваҳм ҳуш токи заҳамат ин тангано бардан
хошо дивона-эй каз хеш бирун рафт ва саҳаро шуд
نفهمیدند این غفلت سوادان معنی صنعی
نظرها بر کجی زد خط خوبان هم چلیپا شد
нафаҳамиданд ин ғафалат саводон маъани санаъи
назараҳо бар каҷи зд хт хобон ҳам чалипо шуд
چو برگردد مزاج از احتیاط خود مشو غافل
سلامت سخت میلرزد بر آن سنگی که مینا شد
чу барагардад мазоҷ аз аҳатиот худ машу ғофал
саломат сахт мӣ-ларзад бар он санги-ки мино шуд
درین میخانه خواهی سبحه گردالخواه ساغرکش
همین هوشی که ساز توست خواهد بیخودیها شد
дарин михона хоҳи сабҳа-гардол-хо соғаракаш
ҳамин ҳуши ки соз туст хоҳад бе-ходи-ҳо шуд
به نومیدی نشستم آنقدر کز خویشتن رفتم
درین ویرانه چون شمعم همان واماندگی پا شد
ба нумиди нашастам онақадар каз хойаштан рафтам
дарин вайрона чун шамаъам ҳамон вомонадаги по шуд
نشد فرصت دلیل آشیان پروانهٔ ما را
شراری در فضای وهم بال افشاند و عنقا شد
нашад фарсат далил ошион паравона мо ро
шарори дар фазой ваҳм бол афашонд ва ъанқо шуд
تأمل رتبهٔ افکار پیدا می کند بیدل
به خاموشی نفسها سوخت مریم تا مسیحا شد
томал ратаба афакор пидо мӣ канд бидел
ба хомуши нафас-ҳо сухт марим-то масиҳо шуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- وهم
- پندار ناپایدار؛ ادراکی که یقین و حقیقت کامل نیست.
- عرق
- تراوشِ پوست؛ نمادِ شرم، خجلت و لطافتِ رخسار.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- شرم
- حیا و آزرم؛ پروای درونی در برابرِ معشوق و حق.
- فرصت
- مجال کوتاه انجام کار؛ در شعر غالبا لحظه گذرای عمر.
- جلوه
- آشکارشدن زیبایی یا حقیقت در صورت دیدنی.
- نگاه
- نگریستن؛ تجلیِ معشوق و سرچشمهٔ شور و گرفتاری.
- معنی
- مقصود درونی یا حقیقت پنهان پشت لفظ و صورت.
- پیدا
- آشکار و نمایان؛ ظهورِ حق در برابرِ نهان و پنهان.
- غفلت
- بیخبری و بیتوجهی؛ خوابِ دل و حجابِ راهِ آگاهی.
- بزم
- مجلسِ شادی و باده؛ نمادِ محفلِ انس و حضور.