سخت جانی هرکجا آید به عرض امتحان
سخت جانی هرکجا آید به عرض امتحان
مغز ما را چون صدف خواهد برآورد استخوان
сахт ҷони ҳаракаҷо ойд ба ъарз аматаҳон
мағаз мо ро чун садаф хоҳад баровард асатахон
تیره بختی دارد از اقبال رنگ ما نشان
میکند فانوس شب روشن چراغ کهکشان
тира бахти дорад аз ақабол ранг мо нашон
мекунад фонус шаб рушан чароғ-каҳакашон
از خم مژگان برون تاز است پرواز نگاه
وحشت ما بال و پر کردهست اندر آشیان
аз хам мажагон барун тоз аст паравоз нго
вҳашт мо бол ва пур карда-ст анадар ошион
در بیابانی که میبالد رم دیوانهام
میکنند از نقش پا مقراض وحشت آهوان
дар биобони ки мӣ-болд рм дивона-ам
мӣ-кананд аз нақш по мақароз вҳашт оҳавон
گر نشد دیوانهٔ من پا به دامان ادب
ناله را زنجیر میگردد رگ خواب گران
гар нашад дивона ман по ба домон адаб
нола ро занҷири мӣ-гардад раг хоб гарон
مگذر ای شوخ از طواف دیدهٔ حیران من
دارد این نقش قدم از طرز رفتاری نشان
магазар эй шух аз тавоф дида ҳирон ман
дорад ин нақш қадам аз тарз рафтори нашон
رنگ میبازد سراپایم به یک پرواز دل
در نسیم بال بلبل دارد این گلشن خزان
ранг мӣ-бозд саропойам ба як паравоз дил
дар насим бол балабал дорад ин галашан хазон
تیشهٔ فرهاد من مضراب ساز درد کیست
کز رگ هر سنگ همچون تار میجوشد فغان
тиша фараҳод ман мазароб соз дард кист
каз раг ҳар санг ҳамачун тор мӣ-ҷушад фағон
حرفی از چشم ترم گفتند در گوش محیط
موجش از گرداب ماند انگشت حیرت در دهان
ҳарфи аз чашм тарм гафтанд дар гуш маҳит
муҷаш аз гардоб монд ангашт ҳайрат дар даҳон
حسرتم هر جانشان ناوک ناز تو کرد
ریخت مغز از استخوان ما چو آب از ناودان
ҳасартам ҳар ҷонашон новак ноз ту кард
рихт мағаз аз асатахон мо чу об аз новадон
قابل عرض سجودت کو به سامان جبههای
از عرق آبی مگر پاشم به خاک آستان
қобал ъарз саҷудат ку ба сомон ҷабҳа-эй
аз ъарақ оби магар пошм ба хок остон
هر دو عالم در کمند سر به زانو بستن است
خانه دارد در بغل تا حلقه میباشد کمان
ҳар ду олам дар каманд сар ба зону бастан аст
хона дорад дар бағал то ҳалқа мӣ-бошад камон
نیست بیدل گوشه گیریهای ما بیمصلحت
خلوتی میباید ارباب سخن را چون زبان
нест бидел гуша гириҳой мо бе-масалаҳат
халути мӣ-бойд арабоб сахан ро чун забон
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.