همچو مینا غنچهٔ رازم بهار آهنگ شد
همچو مینا غنچهٔ رازم بهار آهنگ شد
پرتوی از خون دل بیرون دوید و رنگ شد
ҳамачу мино ғанача розм бҳор оҳанг шуд
партавай аз хон дил бирун давайд ва ранг шуд
بس که در یادت به چندین رنگ حسرت سوختم
چون پر طاووس داغم عالم نیرنگ شد
бас ки дар йодат ба чандин ранг ҳасарт сухатам
чун пур товавас доғам олам ниранг шуд
کوه تمکینی به این افسردگیها حیرت است
بس که زیر بار دل ماندم صدا هم سنگ شد
куа тамакини ба ин афасардагиҳо ҳайрат аст
бас ки зир бор дил монадам садо ҳам санг шуд
در طلسم بستن مژگان فضایی داشتم
تا نگه آغوش پیدا کرد عالم تنگ شد
дар таласам бастан мажагон фазойай дошатам
то нга оғуш пидо кард олам танг шуд
پیکرم در جستوجویت رفت همدوش نفس
رشتهٔ این ساز از فرسودگی آهنگ شد
пикарм дар ҷаст-ваҷавайт рафт ҳамадуш нафас
рашта ин соз аз фарсудаги оҳанг шуд
در شکنج پیریام هر مو زبان نالهای است
از خمیدنها سراپایم طرف با چنگ شد
дар шаканҷ пири-ам ҳар му забон нола-эй аст
аз хамиданаҳо саропойам тарф бо чанг шуд
آنقدر واماندهام کز الفتم نتوان گذشت
اشک هم در پای من افتاد و عذر لنگ شد
онақадар вомонда-ам каз алафтам натавон газашт
ашак ҳам дар пой ман афтод ва ъазар ланг шуд
جوهر خط آخر از آیینهات میگون دمید
دود هم از شعلهٔ حسن تو آتشرنگ شد
ҷуҳар хт охар аз оина-ат мигун дамид
дуд ҳам аз шаъала ҳасан ту оташ-ранг шуд
کسب آگاهی کدورتخانه تعمیر است و بس
هر قدر آیینه شد دل زیر مشق زنگ شد
касаб огоҳи кадурт-хона таъамир аст ва бас
ҳар қадар оина шуд дил зир машақ занг шуд
هیچکس حسرتکش بیمهری خوبان مباد
آرزو بشکست ما را تا دل او سنگ شد
ҳичакас ҳасартакаш бе-маҳари хобон мабод
орзу башакаст мо ро то дил ав санг шуд
بیدل از درد وطن خون گشت ذوق عبرتم
بس که یاد آشیان کردم قفس هم تنگ شد
бидел аз дард ватан хон-гашт зуқ ъабартам
бас ки йод ошион кардам қафас ҳам танг шуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.