سرمنزل ثبات قدم جادهساز نیست
سرمنزل ثبات قدم جادهساز نیست
لغزیدهایم، ورنه ره ما، دراز نیست
сарманазал сабот қадам ҷода-соз нест
лағазида-айам, варна ра мо, дароз нест
بر دوش نیستی نتوان بست ننگ جهد
رفتن ز خویش ناقهٔ راه حجاز نیست
бар душ нисти натавон баст нанг ҷаҳад
рафтан з хеш ноқа ро ҳаҷоз нест
تشویش انتظار قیامت قیامت است
ما را دماغ این همه ابرام ناز نیست
ташавайаш анатазор қиёмат қиёмат аст
мо ро дамоғ ин ҳама абаром ноз нест
مژگان به هرچه بازکنی، مفت حیرت است
عشق هوس، همین دو سه روز است، باز نیست
мажагон ба ҳарача бозакани, мафт ҳайрат аст
ишқ ҳус, ҳамин-дуса-рӯз аст,боз нест
گر محرم اشاره مژگان او شوی
در سرمه نغمهایست که در هیچ ساز نیست
гар маҳарм ашора мажагон ав шавай
дар сарма нағама-эй-ст ки дар ҳич соз нест
بیاخثیار حیرتم، از حیرتم مپرس
آیینه است آینه، آیینهساز نیست
бе-ахасиор ҳиратам, аз ҳиратам мапарс
оина аст оина, оина-соз нест
زیر فلک به کاهش دل ساز و صبرکن
درکارگاه شیشهگران جز گداز نیست
зир фалак ба-коҳаш дил соз ва сабаракан
даракораго шиша-гарон ҷуз гадоз нест
نقصان آبروکش و نام گهر مبر
سوداگر جهان غرض امتیاز نیست
нақасон обарукаш ва ном-гаҳар мабар
судогар ҷаҳон ғарз-аматиоз нест
جز همت آنچه ساز جهان تنزل است
باید نشیب کرد، تصور فراز نیست
ҷуз ҳамат онача соз ҷаҳон таназал аст
бойд нашиб кард, тасур фароз нест
ما عجزپیشهها همه معشوق طینتیم
لیک آن بضاعتی که توانکرد، ناز نیست
мо ъаҷазапиша-ҳо ҳама маъашуқ тинатим
лик он базоъати-ки тавон-кард, ноз нест
سودای خضر، راست نیاید به تیغ عشق
ایثار نقد کیسهٔ عمر دراز نیست
судой хазар, рост ниойд ба тиғ ишқ
айасор нақад киса умр дароз нест
عجز نفس چه پرده گشاید ز راز دل
ما را نشاندهاند بر آن در که باز نیست
ъаҷаз нафас ча парда-гашойд з роз дил
мо ро нашонда-анд бар он дар ки боз нест
بیدل گداز دل خور و دندان به لب فشار
بر خوان عشق دعوت نان و پیاز نیست
бидел-гадоз дил хур ва дандон ба лаб фашор
бар хон ишқ даъут нон ва пиоз нест
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- ساز
- آلتِ نوازندگی؛ نمادِ همآهنگی و نوای درون.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- عجز
- ناتوانی و درماندگی؛ فروتنیِ بنده در برابرِ حق.
- راه
- مسیرِ رفتن؛ نمادِ طریقتِ سلوک و سفرِ معنوی.
- قدم
- پا یا گام؛ نشانهٔ آمدن، حضور و سلوکِ راهِ معنا.
- تیغ
- شمشیر و لبهٔ تیز؛ نمادِ قهرِ معشوق و جراحتِ عشق.
- هیچ
- بودِ تهی و بیاعتبار؛ نشان نفی خود یا جهان گذرا.
- شیشه
- ظرفِ بلورین؛ نمادِ شکنندگیِ دل و صفای جان.