کو شور دماغی که به سودای تو افتم
کو شور دماغی که به سودای تو افتم
گردی کنم ایجاد و به صحرای تو افتم
ку шур дамоғи-ки ба судой ту афатам
гарди канам айаҷод ва ба саҳарой ту афатам
عمریست درین باغ پر افشان امیدم
شاید چو نگه بر گل رعنای تو افتم
ъамари-ст дарин боғ пур афашон амидам
шойд чу нга бар гул раъаной ту афатам
آن زلف پریشان همه جا فتنه فکندهست
هر دام که بینم به تمنای تو افتم
он залаф паришон ҳама ҷо фитна факанда-ст
ҳар дом ки бинам ба таманой ту афатам
چون سایه ز سر تا قدمم ذوق سجودی ست
بگذار که در پای سراپای تو افتم
чун сойа з сар то қадамам зуқ саҷуди ст
багазор ки дар пой саропой ту афатам
مپسند که امروز من گمشده فرصت
در کشمکش وعدهٔ فردای تو افتم
мапасанд ки амаруз ман гамашада фарсат
дар кашмакаш ваъада фардой ту афатам
خورشید گریبان خیالات ندارد
کو لفظ که در فکر معمای تو افتم
хурашид гарибон хиолот надорад
ку лафаз-ки дар факар маъамой ту афатам
پروای خم ابروی ناز فلکم نیست
هیهات گر از طاق دلآرای تو افتم
паравой хам абаравай ноз фалакам нест
ҳиҳот-гар аз тоқ дил-орой ту афатам
چون سیل درین دشت و درم نیست تسلی
یا رب روم از خویش به درباب تو افتم
чун сил дарин дашт ва дарм нест тасали
йо раб рум аз хеш ба дарабоб ту афатам
بیدل به ره عشق تلاشت خجلم کرد
پیشآ قدمی چند که در پای تو افتم
бидел ба ра ишқ талошт хаҷалм кард
пиш-о қадами чанд ки дар пой ту афатам
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- فرصت
- مجال کوتاه انجام کار؛ در شعر غالبا لحظه گذرای عمر.
- خم
- خمیدگی یا خمِ شراب؛ منبعِ مستی و فیضِ معنوی.
- فکر
- اندیشه؛ تأمل و سیرِ ذهن، گاه دامِ راهِ دل.
- باغ
- بوستان؛ نمادِ جهان، جلوهگاهِ حُسن و گذرِ بهارِ عمر.
- نگه
- نگاه و نظر؛ تجلیِ معشوق و سرچشمهٔ شور و گرفتاری.
- شور
- هیجان و جوش؛ نمادِ بیقراریِ عاشقانه و وجد.
- دام
- تله شکار؛ نمادِ تعلق و گرفتاریِ جان در جهان.
- دشت
- بیابانِ پهناور؛ نمادِ گستره تنهایی و سرگردانیِ عاشق.