نه با سازهوس جوشد نه برکسب هنر پیچد
نه با سازهوس جوشد نه برکسب هنر پیچد
طبیعت چون رسا افتد به معنی بیشتر پیچد
на бо созаҳус ҷушад на баракасаб ҳанар пичад
табиъат чун рсо афатад ба маъани бишатар пичад
به این آشفتگی ما را کجا راحت چه جمعیت
هوای طرهات جای نفس بر دل مگر پیچد
ба ин ошафтаги мо ро каҷо роҳат ча ҷамаъит
ҳавой тара-ат ҷой нафас бар дил магар пичад
گمان حلقهٔ دام است آن صید نزاکت را
گر از چشم منش تار نگاهی بر کمر پیچد
гамон ҳалқа дом аст он сид назокт ро
гар аз чашм манаш тор нгоҳи бар камар пичад
ز اسباب هوس بر هر چه پیچی فال کلفت زن
گره پیدا کند در هر کجا نی بر شکر پیچد
з асабоб ҳус бар ҳар ча пичи фол калафт зн
гара пидо канд дар ҳар каҷо ни бар шакар пичад
شب امید طی شد وقت آن آمد که نومیدی
غبار ما ضعیفان هم به دامان سحر پیچد
шаб амид ти шуд вақат он омад ки нумиди
ғубор мо заъифон ҳам ба домон саҳар пичад
جنونم داغ شد در کسوت ناموس خودداری
گریبانی چو گل دامن کنم تا بر کمر پیچد
ҷанунам доғ шуд дар касут номус ходадори
гарибони чу гул доман канам то бар камар пичад
امید عافیت گر هست از تیغ است بسمل را
غریق بحر الفت به که بر موج خطر پیچد
амид ъофит гар ҳаст аз тиғ аст басамал ро
ғариқ баҳар алафт ба ки бар мавҷ хатар пичад
ز سامان تعلقها پریشانی غنیمت دان
همه دام است اگر این رشتهها بر یکدگر پیچد
з сомон таъалқаҳо паришони ғанимат дон
ҳама дом аст агар ин рашта-ҳо бар йакадагар пичад
نزاکتگاه نازکیست یارب کلک تصویرم
دو عالم رنگ گرداند سر مویی اگر پیچد
назокт-го нозакист йораб калак тасавайарм
ду олам ранг-гардонд сар мавайай агар пичад
به رنگ شمع مجنون گرفتار دلی دارم
که زنجیرش گر از پا واکنی چون مو به سر پیچد
ба ранг шамъ маҷанун-гарфатор дали дорм
ки занҷираш гар аз по вокани чун му ба сар пичад
به انداز خرام او مباد از خودروی بیدل
که ترسم گردش رنگت عنان ناز درپیچد
ба андоз харом ав мабод аз ходаравай бидел
ки тарсам-гардаш рангат ъанон ноз дарапичад
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- غبار
- گرد و خاک؛ نشانه محوی، فروتنی، ناپایداری یا حجاب دیدن.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- ناز
- کرشمه و دلربایی؛ جلوهگریِ معشوق در برابرِ نیاز.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- سحر
- سپیدهدم؛ زمان گشایش، دعا، بیداری و تغییر حال.
- تیغ
- شمشیر و لبهٔ تیز؛ نمادِ قهرِ معشوق و جراحتِ عشق.