عمریست که در حسرت آن لعلگهر موج
عمریست که در حسرت آن لعلگهر موج
دل میزندم بر مژه از خون جگر موج
ъамари-ст ки дар ҳасарт он лаъал-гаҳар мавҷ
дил мӣ-зандам бар мажа аз хон ҷагар мавҷ
گر شوخی زلفت فکند سایه به دریا
از آب روان دسته کند سنبل تر موج
гар шухи залафт факанд сойа ба дарё
аз об равон даста-канд санабал тар мавҷ
در حسرتآن طره شبگون عجبی نیست
کز چاک دلی شانه زند فیض سحر موج
дар ҳасарт-он тара шабагун ъаҷаби нест
каз чок дали шона занд физ саҳар мавҷ
آنجا که کند جلوهات ایجاد تحیر
در جوهرآیینه زند سعی نظر موج
онҷо ки канд ҷалуа-ат айаҷод таҳир
дар ҷуҳаройайана занд саъи назар мавҷ
مشکل که برد ره به دلت نالهٔ عاشق
در طبعگهر ربشه دواند چقدر موج
машакал-ки бард ра ба далат нола ъошақ
дар табаъ-гаҳар рабаша давонд чақадар мавҷ
بیمطلبی آیینهٔ آرام نفسهاست
دارد ز صفا جامهٔ احرامگهر موج
бе-маталаби оина ором нафасаҳост
дорад з сафо ҷома аҳаром-гаҳар мавҷ
مطرب نفست زمزمهٔ لعل که دارد
در نالهٔ نی میزند امروز شکر موج
матараб нафаст змазма лаъал-ки дорад
дар нола ни мӣ-занд амаруз шакар мавҷ
وحشت مده از دست به افسانهٔ راحت
زین بحر کسی صرفه نبردهست مگر موج
вҳашт мада аз даст ба афасона роҳат
зин баҳар каси сарфа набарда-ст магар мавҷ
آفت هوس غیری و غافل که در این بحر
بر زورق آسایش خویش است خطر موج
офт ҳус ғири ва ғофал-ки дар ин баҳар
бар зурақ осойаш хеш аст хатар мавҷ
از خلوت دل شوخی اوهام برون نیست
در بحر شکستهست پر و بال سفر موج
аз халут дил шухи авҳом барун нест
дар баҳар шакаста-ст пур ва бол сафар мавҷ
فریاد که جز حسرت ازین ورطه نبردیم
تا چند زند دامن دریا به کمر موج
фариод ки ҷуз ҳасарт азин варта набардим
то чанд занд доман дарё ба-камар мавҷ
بیدل کرم از طینت ممسک نتوان خواست
چون بحر به ساحل نتراود زگهر موج
бидел-карм аз тинат мамасак натавон хост
чун баҳар ба соҳал натаровад загаҳар мавҷ
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- مژه
- موی پلکِ چشم؛ تیرِ نگاه و ابزارِ گریه و خونِ دل.
- نظر
- نگاه و دیدن؛ توجهِ معشوق یا بصیرتِ باطن.