این قلمرو اندوه کارگاه راحت نیست
این قلمرو اندوه کارگاه راحت نیست
هرکه فکر بالین کرد یافت زیر سر زانو
ин қалмару андуа кораго роҳат нест
ҳарака факар болин-кард йофт зир сар зону
یک مژه به صد عبرت شرم چشم ما نگشود
حلقهوار تهکردیم بر هزار در زانو
як мажа ба сад ъабарт шарм чашм мо нагашуд
ҳалқа-вор та-кардим бар ҳазор дар зону
گل دمیدهایم اما رنگ و بو پشیمانی است
بود غنچهٔ ما را عالم دگر زانو
гул дамида-айам амо ранг ва бу пашимони аст
буд ғанача мо ро олам дагар зону
زین تلاش پا درگلکو ره وکجا منزل
همچو شمع پیمودیم شام تا سحر زانو
зин талош по дарагал-ку ра вакаҷо маназал
ҳамачу шамъ пимудим шом то саҳар зону
دل ادبگه نازست دعوی هوس کم کن
بایدت زدن چون موج پیش اینگهر زانو
дил адабага нозаст даъавай ҳус кам кан
бойадат задан чун мавҷ пиш ин-гаҳар зону
شوخی تمیز از ما وضع امن نپسندید
ورنه سلک اینکهساربود سر به سر زانو
шухи тамиз аз мо вазаъ аман напасандид
варна салак ин-каҳасорабуд сар ба сар зону
بستهام کمر عمریست بر حلاوت تسلیم
بند بند من دارد همچو نیشکر زانو
баста-ам камар ъамари-ст бар ҳаловат тасалим
банд банд ман дорад ҳамачу нишакар зону
عذر طاقت است اینجا قدردان جمعیت
پای تا نیارد خم نیست در نظر زانو
ъазар тоқат аст инҷо қадардон ҷамаъит
пой то ниорд хам нест дар назар зону
فکر سرنوشت من تا کجا تریها داشت
تا جبین به بار آمدگشت چشمتر زانو
факар сарнушт ман то каҷо тариҳо дошт
то ҷабин ба бор омадагашт чашм-тар зону
شب زکلفت اسباب شکوه پیش دل بردم
گفت برنمیدارد درد سر مگر زانو
шаб закалафт асабоб шакуа пиш дил бардам
гафт барнами-дорад дард сар магар зону
تا به کی هوس تازی چند هرزه پردازی
طایران رها کردند زیر بال و پر زانو
то ба-ки ҳус този чанд ҳарза пардози
тойрон раҳо карданд зир бол ва пур зону
مشق معنیام بیدل بر طبایع آسان نیست
سر فرو نمیآرد فکر من به هر زانو
машақ маъани-ам бидел бар табойаъ осон нест
сар фару нами-орд факар ман ба ҳар зону
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- شرم
- حیا و آزرم؛ پروای درونی در برابرِ معشوق و حق.
- مژه
- موی پلکِ چشم؛ تیرِ نگاه و ابزارِ گریه و خونِ دل.
- نظر
- نگاه و دیدن؛ توجهِ معشوق یا بصیرتِ باطن.