هرکجا عشاق را درد طلب منظور شد
هرکجا عشاق را درد طلب منظور شد
رفتن رنگ دو عالم خون یک ناسور شد
ҳаракаҷо ъашоқ ро дард талаб маназур шуд
рафтан ранг ду олам хон як носур шуд
رنگ منت برنمیدارد دل اهل صفا
صبح، زخم خویش را خود مرهمکافور شد
ранг манат барнами-дорад дил аҳал сафо
субҳ, захам хеш ро худ мараҳам-кофур шуд
بسکه دیدم الفت آفاق لبریز گزند
دیدهٔ احباب بر من خانهٔ زنبور شد
басака дидам алафт офоқ лабариз газнад
дида аҳабоб бар ман хона занабур шуд
بیقرارانت دماغ حسرتی میسوختند
یک شرر ازپرده بیرون زد چراغ طور شد
биқароронат дамоғ ҳасарти мӣ-сухтанд
як шарар азапарда бирун-зд чароғ тур шуд
دل چه سامانکز شکست آرزو بر هم نچید
بس که مو آورد این چینی سر فغفور شد
дил ча сомон-каз шакаст орзу бар ҳам начид
бас ки му овард ин чини сар фағафур шуд
بود بیتعمیریی صرف بنای کاینات
دل خرابی کرد کاین ویرانهها معمور شد
буд бе-таъамирий сарф баной койанот
дил хароби-кард койан вайрона-ҳо маъамур шуд
ترک انصاف از رسوم انتظام یمن نیست
بسکه چشم از معنیام پوشید حاسد، کور شد
тарак анасоф аз рсум анатазом йаман нест
басака чашм аз маъани-ам пушид ҳосад,кур шуд
گاه توفان غضب از چین ابرو باک نیست
از شکست پل نترسد سیل چون پر زور شد
го туфон ғазаб аз чин абару бок нест
аз шакаст пал натарсад сил чун пур зур шуд
زبن همه حسرت که مردم در خمارن مردهاند
جمع شد خمیازهای چند و دهان گور شد
забан ҳама ҳасарт-ки мардам дар хаморн марда-анд
ҷамаъ шуд хамиоза-эй чанд ва даҳон гур шуд
آبله بیسعی پامردی نمیآید به دست
ربشهٔ تاک از دویدن صاحب انگور شد
обала бе-саъи помарди нами-ойд ба даст
рабаша ток аз давайдан соҳаб ангур шуд
محنت پیریست بیدل حاصل عیش شباب
هرکه شب می خورد خواهد صبحدم مخمور شد
маҳанат пири-ст бидел ҳосал ъиш шабоб
ҳарака шаб мӣ хурд хоҳад сабҳадам-махамур шуд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- دیده
- چشمِ بیننده؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و دیدارِ یار.
- درد
- رنج و الم؛ سرمایهٔ عاشق و راهِ پختگیِ جان.
- حسرت
- افسوس و دریغ؛ اندوهِ ناکامی و آرزوی برنیامده.
- آبله
- تاولِ پا یا دانهٔ پوست؛ نشانهٔ رنجِ راه و سلوک.
- معنی
- مقصود درونی یا حقیقت پنهان پشت لفظ و صورت.