تا در آیینهٔ دل راه نفس واباشد
تا در آیینهٔ دل راه نفس واباشد
کلفت هر دو جهان در گره ما باشد
то дар оина дил ро нафас вобошад
калафт ҳар ду ҷаҳон дар гара мо бошад
صبح شبنم ثمر باغچهٔ نیرنگیم
خنده وگریهٔ ما از همه اعضا باشد
субҳ шабанам самар боғача нирангим
ханда вагариа мо аз ҳама аъазо бошад
گامها بسکه تر از موج سراب است اینجا
نیست بیخشکی لب گر همه دریا باشد
гомаҳо басака тар аз мавҷ сароб аст инҷо
нест бе-хашаки лаб гар ҳама дарё бошад
جلوه مفت است تودرحق نگه ظلم مکن
وهم گو در غم اندیشهٔ فردا باشد
ҷалуа мафт аст тудараҳақ нга залм макан
ваҳм-гу дар ғам андиша фардо бошад
زین گلستان مگذر بیخبر از کاوش رنگ
شاید این پرده نقاب چمنآرا باشد
зин галастон магазар бихабар аз коваш ранг
шойд ин парда нқоб чаман-оро бошад
پشت و رویی نتوان بست بر آیینهٔ دل
گل این باغ محال است که رعنا باشد
пашт ва равайай натавон баст бар оина дил
гул ин боғ маҳол аст ки раъано бошад
مژهای گرم توان کرد در این عبرتگاه
بالش خواب کسیگر پر عنقا باشد
мажа-эй гарм тавон-кард дар ин ъабартаго
болаш хоб каси-гар пур ъанқо бошад
سعی واماندگیام کرد به منزل همدوش
گره رشته ره آبلهٔ پا باشد
саъи вомонадаги-ам кард ба маназал ҳамадуш
гара рашта ра обала по бошад
به گشاد مژه آغوش یقین انشا کن
جلوه تا چند به چشمتومعما باشد
ба-гашод мажа оғуш йқин анашо кан
ҷалуа то чанд ба чашм-тумаъамо бошад
عشرتی از دل افسرده ما رنگ نبست
خون این شیشه مگر در رگ خارا باشد
ъашарти аз дил афасарда мо ранг набаст
хон ин шиша магар дар раг хоро бошад
بی زبانیست ندامتکش آهنگ ستم
کف افسوس خموشی لب گویا باشد
бе-забони-ст ндомат-каш оҳанг сатам
каф афасус хамуши лаб-гавайо бошад
دل نداریم و همان بارکش صد المیم
زنگ سهل است اگر آینه از ما باشد
дил ндорим ва ҳамон боракаш сад алмим
занг саҳал аст агар оина аз мо бошад
بیدل آیینه ی مشرب نکشد کلفت زنگ
سینه صافیست در آن بزم که مینا باشد
бидел оина-й машараб накашад калафт занг
сина софи-ст дар он базм ки мино бошад
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.