به عشقت گر همه یک داغ سامان بود در دستم
به عشقت گر همه یک داغ سامان بود در دستم
همان انگشتر ملک سلیمان بود در دستم
ба ъашақат-гар ҳама як доғ сомон буд дар дастам
ҳамон анагаштар малак салимон буд дар дастам
درین گلشن نه گل دیدم نه رمز غنچه فهمیدم
ز دل تا عقده وا شد چشم حیران بود در دستم
дарин-галашан на-гул дидам на рамаз ғанача фаҳамидам
з дил то ъақада во шуд чашм ҳирон буд дар дастам
ز غفلت ره نبردم در نزاکتخانهٔ هستی
ز نبضم رشتهواری زلف جانان بود در دستم
з ғафалат ра набардам дар назокт-хона ҳастӣ
з набазм рашта-вори залаф ҷонон буд дар дастам
به هر بیدستگاهی گر به قسمت میشدم قانع
کف خود دامن صحرای امکان بود در دستم
ба ҳар бе-дастагоҳи гар ба қасамат мӣ-шадам қонаъ
каф худ доман саҳарой амакон буд дар дастам
ندامت داشت یکسر رونق گلزار پیدایی
چوگل آثار شبنم زخم دندان بود در دستم
ндомат дошт йакасар рунқ галазор пидойай
чугал осор шабанам захам дандон буд дар дастам
به بالیدن نهال محنتم فرصت نمیخواهد
ز پا تا میکشیدم خار پیکان بود در دستم
ба болидан наҳол маҳанатам фарсат нами-хоҳад
з по то мӣ-кашидам хор пикон буд дар дастам
پی تحصیل روزی بسکه دیدم سختی دوران
به چشمم آسیا گردید اگر نان بود در دستم
пи таҳасил рузи басака дидам сахти дурон
ба чашмам осио гардид агар нон буд дар дастам
جنون آوارهٔ دیر و حرم عمریست میگردم
مکاتیب نفس پر هرزه عنوان بود در دستم
ҷанун овора дир ва ҳарм ъамари-ст мӣ-гардам
макотиб нафас пур ҳарза ъанавон буд дар дастам
کفی صیقل نزد سودن دین هنگامهٔ عبرت
به حسرت مردم و آیینه پنهان بود در دستم
кафи сиқал назд судан дин ҳангома ъабарт
ба ҳасарт мардам ва оина панаҳон буд дар дастам
درین مدت که سعی نارسایم بال زد بیدل
همین لغزیدن پایی چو مژگان بود در دستم
дарин мадат-ки саъи норсойам бол зд бидел
ҳамин лағазидан пойай чу мажагон буд дар дастам
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- فرصت
- مجال کوتاه انجام کار؛ در شعر غالبا لحظه گذرای عمر.
- حسرت
- افسوس و دریغ؛ اندوهِ ناکامی و آرزوی برنیامده.