ای چشم تو مهمیز جنونوحشیِ رم را
ای چشم تو مهمیز جنونوحشیِ رم را
ابروی تو معراجِ دگر پایهٔ خم را
эй чашм ту маҳамиз ҷанун ваҳашайи рм ро
абаравай ту маъароҷи дагар пойа хам ро
گیسوی تو دامیست که تحریر خیالش
از نال به زنجیر کشیدهست قلم را
гисавай ту доми-ст ки таҳарир хиолаш
аз нол ба занҷири кашида-ст қалм ро
با این قد و عارض به چمن گر بخرامی
گُل تاج به خاک افکنَد و سرو عَلم را
бо ин қад ва ъорз ба чаман-гар бахароми
гул-тоҷ ба хок афаканад ва сару ъалм ро
اسرار دهانت به تأمل نتوان یافت
از فکرْ کسی پینبَرَد راه عدم را
асарор даҳонат ба томал натавон йофт
аз факар каси пи-набард ро ъадам ро
عمریست که در عالمِ سودای محبت
از نالهٔ من نرخ بلندست الم را
ъамари-ст ки дар олам судой муҳаббат
аз нола ман нарх баландаст алм ро
چندان نرمیدم ز تعلق که پس از مرگ
خاکم به برِ خویش کِشد نقش قدم را
чандон нармидам з таъалқ ки пас аз мараг
хокам ба бар хеш-кашад нақш қадам ро
از آهِ اثرباختهام باک مدارید
تیغم عوض خون همه جا ریخته دم را
аз о асарабохта-ам бок мадорид
тиғам ъуз хон ҳама ҷо рихта дам ро
مینای من و الفت سودای شکستن
حیف است به یاقوت دهم سنگ ستم را
миной ман ва алафт судой шакастан
ҳиф аст ба йоқут даҳам санг сатам ро
تا چند زنی بالِ هوس در طلبِ عیش
هشدار که از کف ندهی دامن غم را
то чанд зни бол ҳус дар талаб ъиш
ҳашадор ки аз каф надаҳи доман ғам ро
یک معنی فردیم که در وهم نگنجد
هرگه به تأمل نِگری صورت هم را
як маъани фардим-ки дар ваҳм наганҷад
ҳарага ба томал нигари сурт ҳам ро
خورشید ز ظلمتکدهٔ سایه برون است
تاکی ز حدوثْ آینه سازید قِدَم را
хурашид з залмат-када сойа барун аст
токи з ҳадус оина созид қадам ро
بیدل چو خَزَف سهل بود گوهر بیآب
از دیدهٔ تَر قطع مکن نسبت نم را
бидел чу хазаф саҳал буд гуҳар бе-об
аз дида тар қатаъ макан насабат нам ро
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- دامن
- کنارهٔ جامه؛ نمادِ پاکی، پناه و دستآویز.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- چمن
- سبزهزارِ خرّم؛ نمادِ بهار، باغ و جلوهگاهِ حسن.
- دیده
- چشمِ بیننده؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و دیدارِ یار.