بیرخت در چشمهٔ آیینه خاک است آب نیست
بیرخت در چشمهٔ آیینه خاک است آب نیست
چشم مخمل را ز شوق پایبوست خواب نیست
бе-рахт дар чашма оина хок аст об нест
чашм махамал ро з шуқ пой-буст хоб нест
بعد کشتن خون ما رنگ است در پرواز شوق
آب و خاک بسملت از عالم سیماب نیست
баъад каштан хон мо ранг аст дар паравоз шуқ
об ва хок басамалат аз олам симоб нест
شوخی مهتاب و تمکین کتان پر ظاهر است
بر بنای صبر ما شوقت کم از سیلاب نیست
шухи маҳатоб ва тамакин ктон пур зоҳар аст
бар баной сабар мо шуқат кам аз силоб нест
کی تواند آینه عکس ترا در دل نهفت
ضبط این گوهر به چنگ سعی هر گرداب نیست
ки тавонд оина ъакас таро дар дил наҳафт
забат ин гуҳар ба чанг саъи ҳар гардоб нест
سایه را آیینهٔ خورشید بودن مشکل است
خود به خود در جلوه باش اینجا کسی را تاب نیست
сойа ро оина хурашид будан машакал аст
худ ба худ дар ҷалуа бош инҷо каси ро тоб нест
خرقه از لخت جگر چون غنچه در بر کردهایم
در دیار ما قماش دل درستی باب نیست
харақа аз лахт ҷагар чун ғанача дар бар карда-айам
дар диор мо қамош дил дарсати-боб нест
ای حباب از سادگی دست دعا بالا مکن
در محیط عشق جز موج خطر محراب نیست
эй ҳабоб аз содаги даст даъо боло макан
дар маҳит ишқ ҷуз мавҷ хатар маҳароб нест
برگبرگ این گلستان پردهدار غفلت است
غنچهٔ بیدار اگر گل گشت گل بیخواب نیست
бараг-бараг ин галастон парда-дор ғафалат аст
ғанача бидор агар гул гашт гул бе-хоб нест
دور نبود گر فلک پیچد به خویش از نالهام
دود را از شعله حاصل غیر پیچ و تاب نیست
дур набуд гар фалак пичад ба хеш аз нола-ам
дуд ро аз шаъала ҳосал ғир пич ва тоб нест
تا توانی چون نسیم آزادگی از کف مده
آشنای رنگ جمعیت گل اسباب نیست
то тавони чун насим озодаги аз каф мада
ошаной ранг ҷамаъит гул асабоб нест
از فروغ این شبستان دست باید شست و بس
آب گردیدهست سامان طرب مهتاب نیست
аз фаруғ ин шабастон даст бойд шаст ва бас
об гардида-ст сомон тараб маҳатоб нест
بیدل از احباب دنیا چشم سرسبزی مدار
کشت این شطرنجبازان دغل سیراب نیست
бидел аз аҳабоб данио чашм сарсабази мадор
кашт ин шатаранҷ-бозон дағал сироб нест
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.