نیست ایمن از بلا هر کس به فکر جستجوست
نیست ایمن از بلا هر کس به فکر جستجوست
روز و شب گرداب را ازموج، خنجر برگلوست
нест айаман аз бало ҳар кас ба факар ҷастаҷуст
рӯз ва шаб гардоб-ро азмуҷ,ханҷар барагалуст
در تماشایی که ما را بار جرات دادهاند
آرزو در سینه خار است و نگه در دیده موست
дар тамошойай-ки мо ро бор ҷарот дода-анд
орзу дар сина хор аст ва нга дар дида муст
جادهٔ کج رهروان را سر خط جانکاهیست
باعث آشوب دل ها پیچ و تاب آرزوست
ҷода каҷ раҳаравон ро сар хт ҷонакоҳи-ст
боъас ошуб дил ҳо пич ва тоб орзуст
آنچه نتوان داد جز در دست محبوبان دل است
وانچه نتوان ریخت جز در پای خوبان آبروست
онача натавон дод ҷуз дар даст маҳабубон дил аст
вонача натавон рихт ҷуз дар пой хобон обаруст
بر فریب عرض جوهر گرد پرکاری مگرد
آینه بیحسن نتوان یافتن تا سادهروست
бар фариб ъарз ҷуҳар гард паракори магард
оина бе-ҳасан натавон йофатан то сода-руст
حسن بیرنگیست در هرجا به رنگی جلوهگر
در دل سنگ آنچه میبینی شرر در غنچه بوست
ҳасан бирангист дар ҳараҷо ба ранги ҷалуа-гар
дар дил санг онача мӣ-бини шарар дар ғанача буст
غیر حیرت آبیار مزرع عشاق نیست
چون رگ یاقوت اینجا ریشه درخون نموست
ғир ҳайрат обиор мазараъ ъашоқ нест
чун раг йоқут инҷо риша дархон намуст
بیفنا نتوان به کنه معنی اشیا رسید
آینه گر خاککردد با دو عالم روبروست
бе-фано натавон ба кана маъани ашио рсид
оина-гар хок-кардад бо ду олам рубаруст
در عبادتگاه ما کانجا هوس را بار نیست
نقش خویش از لوح هستی گر توان شستن وضوست
дар ъабодатаго мо конҷо ҳус ро бор нест
нақш хеш аз луҳ ҳастӣ гар тавон шастан вазуст
خار و خس را اعتباری نیست غیر از سوختن
آبروی مزرع ما برق استغنای اوست
хор ва хас ро аъатабори нест ғир аз сухатан
обаравай мазараъ мо барақ асатағаной аваст
غفلت ما پردهدار عیب بینایی خوشست
چاک دامان نگه را بستن مژگان رفوست
ғафалат мо парда-дор ъиб бинойай хошаст
чок домон нга ро бастан мажагон рфуст
چون زبان خامه بیدل درکف استاد عشق
باکمال نکتهسنجی بیخبر از گفتگوست
чун забон хома бидел даракаф астод ишқ
бокамол накта-санҷи бихабар аз гафтагуст
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آینه
- سطح بازتابنده؛ در شعر نماد خودشناسی، صفا و جلوه است.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- عالم
- جهانِ هستی؛ پهنهٔ آفرینش و جلوهگاهِ حق.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- نقش
- تصویر و اثر؛ گاه صورت ظاهری در برابر حقیقت.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- سنگ
- تختهسنگِ سخت؛ نمادِ سختی، جفا و گاه مستی.
- مژگان
- موهای پلک؛ نمادِ تیرِ نگاه و گریهٔ عاشق.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.