صبح است و دارد آنگل در سر هوای نرگس
صبح است و دارد آنگل در سر هوای نرگس
از چشم ما بریزید آبی به پای نرگس
субҳ аст ва дорад он-гул дар сар ҳавой нарагас
аз чашм мо баризид оби ба пой нарагас
ابر و بهار اقبال امروز سایهٔ کیست
گل کرد تاج برسر بال همای نرگس
абар ва бҳор ақабол амаруз сойа кист
гул-кард тоҷ барсар бол ҳамой нарагас
آب وگل تعین این دلکشی ندارد
رنگ شکستهٔ کیست طرف بنای نرگس
об вагал таъин ин далакаши надорад
ранг шакаста-кист тарф баной нарагас
هم چشم نوبهارم خوابم چه احتمال است
دارد غنودن اما تا غنچههای نرگس
ҳам чашм нубҳорм хобам ча аҳатамол аст
дорад ғанудан амо то ғанача-ҳой нарагас
بیانتظار نتوان از وصلکام دل برد
گل میرسد درین باغ یکسر قفای نرگس
бе-анатазор натавон аз васал-ком дил бард
гул мӣ-расад дарин боғ йакасар қафой нарагас
حیرت برون این باغ راهی نمیگشاید
هرچند رسته باشد چشم از عصای نرگس
ҳайрат барун ин боғ роҳи нами-гашойд
ҳарачанд раста бошад чашм аз ъасой нарагас
ما را به این دو دم عیش با چتر گل چهکار است
همسایهٔ خزانیم زبر لوای نرگس
мо ро ба ин ду дам ъиш бо чатар гул ча-кор аст
ҳамасойа хазоним забар лавой нарагас
اقبال اوج گردون گر میگشود کاری
میل زمین نمیکرد دست دعای نرگس
ақабол аваҷ гардун гар мӣ-гашуд кори
мил замин нами-кард даст даъой нарагас
تقلید چند باید در جلوهگاه تحقیق
پامال نور شمع است رنگ لقای نرگس
тақалид чанд бойд дар ҷалуа-го таҳақиқ
помол нур шамъ аст ранг лқой нарагас
مضمون پیش پا نیز آسان نمیتوان خواند
صد صفر و یک الف بود عبرتفزای نرگس
мазмун пиш по низ осон нами-тавон хонд
сад сафар ва як алаф буд ъабарт-фазой нарагас
چندانکه وارسیدیم رنگ خزان جنون داشت
ای کاش داغ میرست زین باغ جای نرگس
чандонака ворсидим ранг хазон ҷанун дошт
эй-кош доғ мӣ-раст зин боғ ҷой нарагас
بیدل ز چشم مردم دور است حقشناسی
کوری است خرمن اینجا چون دستهای نرگس
бидел з чашм мардам дур аст ҳақ-шаноси
кури-аст харман инҷо чун-дастаҳой нарагас
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پا
- عضوِ راهرفتن؛ نمادِ گام در راهِ طلب و سلوک.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- صبح
- آغاز روشنایی پس از شب؛ نشانه امید، گشودگی یا بیداری.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- داغ
- نشان سوختگی یا زخم؛ کنایه از اندوه، عشق و حسرت.
- بهار
- فصلِ شکوفایی؛ نمادِ جوانی، تازگی و جلوهٔ حسن.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- سایه
- اثر تاریک در برابر نور؛ کنایه از ناپایداری، پیروی یا وجود کمرنگ.
- حیرت
- سرگشتگی آگاهانه در برابر حقیقتی که فهم عادی از آن بازمیماند.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.