هرکجا بیرویت از چشمم برون میگردد آب
هرکجا بیرویت از چشمم برون میگردد آب
گر همه در پردهٔ خار است خون میگردد آب
ҳаракаҷо бе-равайт аз чашмам барун мӣ-гардад об
гар ҳама дар парда хор аст хон мӣ-гардад об
دل به سعی اشک در راه توگامی میزند
آتشی دارم که از بهر شگون میگردد آب
дил ба саъи ашак дар ро тугоми мӣ-занд
оташи дорм-ки аз баҳар шагун мӣ-гардад об
صافی دل خواهی از سیر و سفر غافل مباش
تختهٔ مشقکدورت از سکون میگردد آب
софи дил хоҳи аз сир ва сафар ғофал мабош
тахта машақ-кадурт аз сакун мӣ-гардад об
نرمخویان را به بیتابی رساند انفعال
ترک خودداری کند چون سرنگون میگردد آب
нарм-хойон ро ба битоби рсонд анафаъол
тарак ходадори-канд чун сарнагун мӣ-гардад об
آرمیدن بیقرار شوق را افسردگیست
چون بهٔکجا میشود ساکن زبون میگردد آب
ормидан биқарор шуқ ро афасардаги-ст
чун баҳакаҷо мӣ-шуд сокан забун мӣ-гардад об
روز ما شب گشت و ما بیاختیار گریهایم
هرکه در دود افتد از چشمش برون میگردد آب
рӯз мо шаб-гашт ва мо бе-ахтиорагариа-айам
ҳарака дар дуд афатад аз чашмаш барун мӣ-гардад об
عرض حاجت میگدازد جوهر ناموس فقر
آه کاین گوهر ز دست طبع دون میگردد آب
ъарз ҳоҷат мӣ-гадозд ҷуҳар номус фақар
о койан гуҳар з даст табаъ дун мӣ-гардад об
اعتبارت هرقدر بیش استکلفت بیشتر
تیرگی بالد ز دریا چون فزون میگردد آب
аъатаборт ҳарақадар биш аст-калафт бишатар
тираги болд з дарё чун фазун мӣ-гардад об
دل ز ضبطگریه چندین شعله توفان میکند
تا سر این چشمه میبندم جنون میگردد آب
дил з забат-гариа чандин шаъала туфон мекунад
то сар ин чашма мӣ-бандам ҷанун мӣ-гардад об
بسکه سر تا پایم از درد تمنایت گداخت
همچو موجم در رگ و پی جای خون میگردد آب
басака сар то пойам аз дард таманойт гадохт
ҳамачу муҷам дар раг ва пи ҷой хон мӣ-гардад об
زین خمار آباد حسرت بادهای پیدا نشد
شیشهام از درد نومیدی کنون میگردد آب
зин хамор обод ҳасарт бода-эй пидо нашад
шиша-ам аз дард нумиди канун мӣ-гардад об
دل به توفان رفت هرجا جوهر طاقتگداخت
خانه سیلابیست بیدلگر ستون میگردد آب
дил ба туфон рафт ҳараҷо ҷуҳар тоқат-гадохт
хона силоби-ст бидел-гар стун мӣ-гардад об
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- دست
- اندامِ گرفتن؛ نمادِ قدرت، بخشش و تصرف.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- جنون
- دیوانگی؛ شیداییِ عاشقانه و رهاییِ از عقل.
- اشک
- قطرهٔ چشم؛ نشانهٔ گریه، شوق یا اندوهِ عاشقانه.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- خانه
- سرپناهِ زیست؛ نمادِ دل، تن یا قفسِ هستی.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- راه
- مسیرِ رفتن؛ نمادِ طریقتِ سلوک و سفرِ معنوی.
- عرض
- ویژگی ناپایدار شیء؛ در برابر جوهر و ذات.
- شعله
- زبانه آتش؛ نماد شور، گدازِ عشق و فنای ناپایدار.
- درد
- رنج و الم؛ سرمایهٔ عاشق و راهِ پختگیِ جان.
- شوق
- اشتیاقِ سوزان؛ کششِ پرشورِ دل بهسوی معشوق و وصال.
- جوهر
- ذات و بنیاد شیء؛ چیزی که قائم به خود دانسته میشود.
- حسرت
- افسوس و دریغ؛ اندوهِ ناکامی و آرزوی برنیامده.