دل به زلف یار هم آرام نتوانست کرد
دل به زلف یار هم آرام نتوانست کرد
این مسافر منزلی در شام نتوانست کرد
дил ба залаф йор ҳам ором натавонаст-кард
ин масофар маназали дар шом натавонаст кард
جوش خط با آن فسون دستگاه دلبری
وحشی حسن بتان را رام نتوانست کرد
ҷуш хт бо он фасун дастаго далабари
ваҳаши ҳасан батон ро ром натавонаст-кард
با همه شوری که وقف پستهٔ خندان اوست
رفع تلخی های آن بادام نتوانست کرد
бо ҳама шури-ки вақаф паста хандон аваст
рафаъ талхи ҳой он бодом натавонаст кард
همچو من از سرنگونی طالعی دارد حباب
کز خم دریا میی در جام نتوانست کرد
ҳамачу ман аз сарнагуни толаъи дорад ҳабоб
каз хам дарё мий дар ҷом натавонаст-кард
نیست در بحر محبت جز دل بیتاب من
ماهییکز فلس فرق دام نتوانست کرد
нест дар баҳар муҳаббат ҷуз дил битоб ман
моҳий-каз фалас фарақ дом натавонаст кард
مشت خاک من هواپرورد جولان تو بود
پایمالش گردش ایام نتوانست کرد
машт хок ман ҳавопарурд ҷавлон ту буд
пойамолаш гардаш айом натавонаст кард
چرخ گو مفریب از جا هم که سعی باغبان
پختگیهای ثمر را خام نتوانست کرد
чарх-гу мафариб аз ҷо ҳам-ки саъи боғабон
пахтагиҳой самар ро хом натавонаст-кард
همچو شبنم زین گلستان فسکه وحشت میکشم
آب در آیینهام آرام نتوانست کرد
ҳамачу шабанам зин галастон фасака вҳашт мӣ-кашм
об дар оинаам ором натавонаст-кард
موج گوهر با همه خشکی نشد محتاج آب
طبع استغنا نظر ابرام نتوانست کرد
мавҷ-гуҳар бо ҳама хашаки нашад маҳатоҷ об
табаъ асатағано назар абаром натавонаст-кард
نالهها در دل فسرد اما نبست احرام لب
گرد این کاشانه سیر بام نتوانست کرد
нола-ҳо дар дил фасард амо набаст аҳаром лаб
гард ин-кошона сир бом натавонаст-кард
اخگر ما شور خاکستر دماند از سوختن
این نگین شد خاک و ترک نام نتوانست کرد
ахагар мо шур хокастар дамонд аз сухатан
ин нгин шуд хок ва тарак ном натавонаст-кард
سوخت بیدل غافل از خود شعلهٔ تصویر ما
یک شرر برق نگاهی وام نتوانست کرد
сухт бидел ғофал аз худ шаъала тасавайр мо
як шарар барақ нгоҳи вом натавонаст-кард
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- خاک
- زمین و گرد؛ نماد فروتنی، فنا، خاستگاه جسم و نهایت آدمی.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- گرد
- غبار و خاک؛ نشانه محوی، ناپایداری و حجاب دیدن.
- خط
- موی نورُستهٔ گونه؛ نمادِ زیباییِ نوخیزِ معشوق.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.
- نظر
- نگاه و دیدن؛ توجهِ معشوق یا بصیرتِ باطن.
- شعله
- زبانه آتش؛ نماد شور، گدازِ عشق و فنای ناپایدار.
- سیر
- گشت و سفر؛ سلوک و سیرِ معنویِ جان در راهِ حق.
- شبنم
- رطوبت لطیف بامدادی؛ نماد لطافت، ناپایداری و اشک.
- خم
- خمیدگی یا خمِ شراب؛ منبعِ مستی و فیضِ معنوی.