فسردن از مزاج شعله خاکستر برون آرد
فسردن از مزاج شعله خاکستر برون آرد
تردد چو نفس سوزد ز خود بستر برون آرد
фасардан аз мазоҷ шаъала хокастар барун орд
тардад чу нафас сузд з худ бастар барун орд
به اشکی کلفت از دل کی توان بردن که دریا هم
یتیمی مشکلست از طینت گوهر برون آرد
ба ашаки-калафт аз дил-ки тавон бардан ки дарё ҳам
йтими машакал-ст аз тинат-гуҳар барун орд
فنا هم مایهٔ هستیست ازآفت مباش ایمن
که چون بگذشتی از مردن قیامت سر برون آرد
фано ҳам мойа ҳастӣ-ст азофт мабош айаман
ки чун багазашти аз мардан қиёмат сар барун орд
به نو میدی در این گلشن چو رنگ امید آن دارم
که افسردن ز پروازم پر افشانتر برون آرد
ба ну миди дар ин-галашан чу ранг амид он дорм
ки афасардан з паравозм пур афашонатар барун орд
ز جوش بیخودی صاف است درد آرزوی دل
خوشا آیینهای کز خویش روشنگر برون آرد
з ҷуш биходи соф аст дард оразавай дил
хошо оина-эй каз хеш рушангар барун орд
غباری از خطش راه نظر میزد، ندانستم
که این شمع از پر پروانهها دفتر برون آرد
ғабори аз хаташ ро назар мӣ-зд, ндонастам
ки ин шамъ аз пур паравона-ҳо дафтар барун орд
که میدانست پیش از دور خط، اعجاز حسن او
که از لعل ترش موج زمرّد سر برون آرد
ки мӣ-донаст пиш аз дур хт, аъаҷоз ҳасан ав
ки аз лаъал тараш мавҷ змард сар барун орд
به گلشن گر بگویم وصف لعل میفروش او
به حسرت شاخ گل از آستین ساغر برون آرد
ба галашан гар багавайам васаф лаъал мифаруш ав
ба ҳасарт шох-гул аз остин соғар барун орд
ندارد شبنم من برگ اظهاری درین گلشن
مگر نومیدیم در رنگ چشم تر برون آرد
надорад шабанам ман бараг азаҳори дарин-галашан
магар нумидим дар ранг чашм тар барун орд
به پستی تا بماند شوق جهدی کن که خون گردی
چو آب آیینهدار رنگ گردد، پر برون آرد
ба пасти то бамонд шуқ ҷаҳади кан ки хон-гарди
чу об оина-дор ранг-гардад, пур барун орд
فریب جاه از بازیچهٔ گردون مخور بیدل
که میترسم سر بیمغزی از افسر برون آرد
фариб ҷо аз бозича гардун махор бидел
ки мӣ-тарсам сар бе-мағази аз афасар барун орд
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- نفس
- دم و لحظه کوتاه زندگی؛ گاه خواهش و خودی انسان.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- گل
- شکوفهٔ خوشبو؛ نشانهٔ زیبایی، بهار و معشوق.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- شمع
- چراغ مومی؛ نماد سوختن، روشنی دادن و عاشقی بیقرار.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- هستی
- وجود و بودن؛ در برابر عدم و نیستی.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- راه
- مسیرِ رفتن؛ نمادِ طریقتِ سلوک و سفرِ معنوی.
- نظر
- نگاه و دیدن؛ توجهِ معشوق یا بصیرتِ باطن.
- شعله
- زبانه آتش؛ نماد شور، گدازِ عشق و فنای ناپایدار.
- درد
- رنج و الم؛ سرمایهٔ عاشق و راهِ پختگیِ جان.