پیش ارباب حسب ترک نسب باید کرد
پیش ارباب حسب ترک نسب باید کرد
پردهٔ دیده و دل فرش ادب باید کرد
пиш арабоб ҳасаб тарак насаб бойд кард
парда дида ва дил фараш адаб бойд кард
کاروانها همه محمل کش یأس است اینجا
ناله را بدرقهٔ سعی طلب باید کرد
коравонаҳо ҳама маҳамал каш йос аст инҷо
нола ро бадарақа саъи талаб бойд кард
باعث گریه درین دشت اگر چیزی نیست
الم بیکسیی هست سبب بایدکرد
боъас-гариа дарин дашт агар чизи нест
алм бикасий ҳаст сабаб бойадакард
گر شود پیش تو منظور نثار نگهی
گوهر جان به هوس تحفهٔ لب باید کرد
гар шуд пиш ту маназур насор нагаҳи
гуҳар ҷон ба ҳус таҳафа лаб бойд кард
جمع بودن به پریشانصفتی آسان نیست
روزها در قدم زلف تو شب باید کرد
ҷамаъ будан ба паришон-сафти осон нест
рузаҳо дар қадам залаф ту шаб бойд кард
زبن توهمکده سامان دگر نتوان یافت
جز دمی چند که ایثار تعب بایدکرد
забан туҳамакада сомон дагар натавон йофт
ҷуз дами чанд ки айасор таъаб бойадакард
ترک لذات جهان مفت سلامت شمرید
این شکر قابل آن نیست که تب بایدکرد
тарак лазот ҷаҳон мафт саломат шамарид
ин шакар қобал он нест-ки таб бойадакард
جیبها موج طربگاه حضور دریاست
فکر خود کن گرت اندیشهٔ رب باید کرد
ҷиб-ҳо мавҷ тарабаго ҳазур дариост
факар худ кан-гарт андиша раб бойд кард
نم آب و کف خاکی بهم آمیخته است
هر چه آید ز تو کاریست عجب باید کرد
нам об ва каф хоки баҳам омихта аст
ҳар ча ойд з ту кори-ст ъаҷаб бойд кард
بیدل این انجمن وهم دگر نتوان یافت
درد هم مفت تماشاست طرب باید کرد
бидел ин анаҷаман ваҳм дагар натавон йофт
дард ҳам мафт тамошост тараб бойд кард
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- نیست
- نبودن؛ در شعر یادکرد عدم و فنا در برابر هستی موهوم.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- آب
- مایعِ زندگانی؛ نمادِ روانی، صفا و گاه آبرو.
- موج
- برآمدگی آب؛ در شعر نشانه جنبش، اضطراب و ناپایداری.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- هوس
- آرزوی زودگذر؛ میلِ نفسانی در برابرِ عشقِ راستین.
- لب
- کنارهٔ دهان؛ نمادِ سخن، بوسه و حیاتِ معشوق.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- دیده
- چشمِ بیننده؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و دیدارِ یار.
- وهم
- پندار ناپایدار؛ ادراکی که یقین و حقیقت کامل نیست.
- قدم
- پا یا گام؛ نشانهٔ آمدن، حضور و سلوکِ راهِ معنا.
- درد
- رنج و الم؛ سرمایهٔ عاشق و راهِ پختگیِ جان.
- پرده
- حجاب و پوشش؛ مانع آشکارشدن یا نشانه پنهانی راز.
- فکر
- اندیشه؛ تأمل و سیرِ ذهن، گاه دامِ راهِ دل.
- طلب
- جُستن و خواستن؛ کششِ سالک در پیِ حق و معشوق.
- دشت
- بیابانِ پهناور؛ نمادِ گستره تنهایی و سرگردانیِ عاشق.