دل از نیرنگ آگاهی به چندین پیشه میافتد
دل از نیرنگ آگاهی به چندین پیشه میافتد
گره از دانه چون واشد به دام ریشه میافتد
дил аз ниранг огоҳи ба чандин пиша мӣ-афатад
гара аз дона чун вошад ба дом риша мӣ-афатад
دو تا شو در خیال او که سعی کوهکن اینجا
کشد تا صورت شیرین به پای تیشه میافتد
ду то шу дар хаёл ав ки саъи-куҳакан инҷо
кашад то сурт ширин ба пой тиша мӣ-афатад
ندارد محفل دیر و حرم پروانهای دیگر
به هر آتش همان یک شوق حسرت پیشه میافتد
надорад маҳафал дир ва ҳарм паравона-эй дигар
ба ҳар оташ ҳамон як шуқ ҳасарт пиша мӣ-афатад
ز درد ناقبولیهای اهل دل مشو غافل
که می هم ناله دارد تا ز چشم شیشه میافتد
з дард ноқабулиҳой аҳал дил машу ғофал
ки мӣ ҳам нола дорад то з чашм шиша мӣ-афатад
ندانم کیست خضر مقصد آوارگیهایم
که هر جا میروم راهم همان در بیشه میافتد
ндонам кист хазар мақасад оворагиҳойам
ки ҳар ҷо мӣ-рум роҳам ҳамон дар биша мӣ-афатад
بنای عشق تعمیر هوسها برنمیدارد
نهال شعله گر آبش دهی از ریشه میافتد
баной ишқ таъамир ҳусаҳо барнами-дорад
наҳол шаъала-гар обаш даҳи аз риша мӣ-афатад
به این کلفت نمیدانم که بست اجزای مضمونم
که از یادم گره در رشتهٔ اندیشه میافتد
ба ин-калафт нами-донам ки баст аҷазой мазмунам
ки аз йодам гара дар рашта андиша мӣ-афатад
تحیر بال و پر شد شوخی نظارهٔ ما را
چو دل آیینه گردد پر تماشا پیشه میافتد
таҳир бол ва пур шуд шухи назора мо ро
чу дил оина-гардад пур тамошо пиша мӣ-афатад
به هر جا نرگست از جیب مستی سر برون آرد
شکست رنگ صهبا دربنای شیشه میافتد
ба ҳар ҷо нарагаст аз ҷиб масти сар барун орд
шакаст ранг саҳабо дарабаной шиша мӣ-афатад
جهان از پرتو عشقت چراغان شد که هر خاری
به شمعی میرسد، چون آتش اندر بیشه میافتد
ҷаҳон аз парту ъашақат чароғон шуд ки ҳар хори
ба-шамаъи мӣ-расад, чун оташ анадар биша мӣ-афатад
چنان در بیستون سینه گرم کاوشم بیدل
که خون از ناخن من چون شرار از تیشه میافتد
чанон дар бистун сина гарм-ковашм бидел
ки хон аз нохан ман чун шарор аз тиша мио-фатад
واژهنامهٔ این غزل · 18 واژه
- دل
- جان و درونِ آدمی؛ جایگاهِ عشق، درد و آگاهی.
- بیدل
- تخلصِ شاعر؛ بهمعنیِ بیدل، عاشقِ از خود رفته.
- سر
- بالاترین عضوِ تن؛ نمادِ اندیشه، سودا و فدا شدن در عشق.
- رنگ
- نمود و جلوه ظاهری؛ گاه کنایه از دگرگونی و ناپایداری.
- چشم
- اندامِ بینایی؛ سرچشمهٔ نگاه، اشک و انتظارِ عاشقانه.
- آیینه
- شیشهٔ بازتابدهنده؛ نمادِ صفای دل و تجلّیِ حق.
- پر
- شهپرِ پرنده؛ نمادِ پرواز، آرزو و سبکباریِ روح.
- جهان
- گیتی و دنیا؛ سرای گذرا و فریبندهٔ هستی.
- ناله
- فریادِ دردمندانه؛ آوای سوز و شکوهٔ عاشق.
- شکست
- درهمشکستگی؛ نمادِ نیستی و فروریختنِ خودیِ عاشق.
- خون
- مایعِ سرخِ تن؛ نمادِ درد، شور و جگرسوزیِ عشق.
- خیال
- صورت ذهنی و وهم؛ جهان تصور در برابر حضور عینی.
- آتش
- شعله و سوز؛ کنایه از عشق، درد، شور یا نابودی.
- بال
- پرِ پرواز؛ نمادِ اوجگرفتن و رهاییِ روح.
- عشق
- مهرِ سوزان؛ نیرویِ بنیادینِ هستی و راهِ فنا.
- سعی
- کوشش و تلاش؛ جهدِ سالک در راهِ مقصود.
- پای
- عضوِ ایستادن و رفتن؛ نمادِ ثبات و گام در راه.
- غافل
- بیخبر و ناآگاه؛ خفته از یادِ حق و حقیقت.